admin - BebakAzad https://bebakazad.in Azad Khabar Wed, 26 Apr 2023 07:51:11 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://bebakazad.in/wp-content/uploads/2022/02/cropped-1643887222331-scaled-1-32x32.jpg admin - BebakAzad https://bebakazad.in 32 32 परिवहन विभाग में जमकर हो रही ऊपरी कमाई, लजाए प्रशासन होय हंसाई, दलाल जैन हुआ बहुत जरूरी, जिसके जिम्मे अवैध उगाही https://bebakazad.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0/ https://bebakazad.in/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0/#respond Wed, 26 Apr 2023 07:51:10 +0000 https://bebakazad.in/?p=12210 पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101 देवास में जिला परिवहन कार्यालय प्रायवेट लिमिटेड के रूप में चलता हुआ दिखाई दे रहा है, यहां दलालों का साम्राज्य स्थापित हो गया है और अधिकारी को उगाही की हिस्सेदारी से मतलब, कर्तव्य से कोई लेना-देना नहीं। परिवहन कार्यालय, वाहन मालिकों और दलालों के हिसाब से संचालित होता दिखाई […]

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पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

देवास में जिला परिवहन कार्यालय प्रायवेट लिमिटेड के रूप में चलता हुआ दिखाई दे रहा है, यहां दलालों का साम्राज्य स्थापित हो गया है और अधिकारी को उगाही की हिस्सेदारी से मतलब, कर्तव्य से कोई लेना-देना नहीं। परिवहन कार्यालय, वाहन मालिकों और दलालों के हिसाब से संचालित होता दिखाई दे रहा है, अधिकारी का होना, ना होने के समान है। जिला परिवहन अधिकारी के रूप में यहां जया वसावा पदस्थ हैं,जिनका ध्यान घर-गृहस्थी पर ज्यादा, कार्यालय पर कम है, बरसों से यहीं पदस्थ जया वसावा का एक बार ट्रांसफर भी हो चुका है, लेकिन उन्होंने रुकवा लिया, इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि देवास में कितनी मजबूती से इस महिला अधिकारी के आर्थिक स्वार्थ स्थापित हो गए हैं? बिना कर चुकाए सड़कों पर वाहन दौड़ रहे हैं, कार्यालय में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता, परेशान लोग आन्दोलनात्मक रवैया अपनाने पर मजबूर हो रहे हैं, हाल ही में सोशल मीडिया पर चले वीडियो में परिवहन कार्यालय परिसर में एक भले मानुष अपने परिवार सहित धरने पर बैठे दिखाई दिए थे, एक शिकायतकर्ता ने कैमरे के सामने कहा कि आरटीओ एजेंट सुभाष जैन फिटनेस सर्टिफिकेट दिलवाने के एक हजार रूपए मांगता है,ऐसा लगता है मानो मैडम जी ने आरटीओ कार्यालय भ्रष्ट लोगों को ठेके पर दे दिया है? परिवहन अधिकारी, कार्यालय में यदाकदा आती हैं,आती हैं तो आम लोगों से मिलना अपनी तौहीन समझती है,आम लोगों को आरटीओ जया वसावा से मिलना हो तो वे सुभाष जैन जैसे दलालों से मिले, जो बिना पैसे लिए सीधे मुंह बात नहीं करते, एक साधारण सा आरटीओ एजेंट सुभाष जैन देवास के आरटीओ कार्यालय में इतना महत्वपूर्ण कैसे और क्यों हो गया? किसकी शह, किसके संरक्षण में इतना महत्वपूर्ण हो गया, जो खुलेआम पैसे मांगता है? परिवहन अधिकारी अफसरी अहंकार से लबरेज है, जो आम आदमी से परहेज करके चलने में अपनी शान समझती है। परिवहन विभाग में फैली अनियमितता और भ्रष्टाचार आरटीओ जया वसावा की योग्यता की पोल खोल रहे हैं, प्रशासन की जग हंसाई करा रहे हैं। यदि महिला अधिकारी जया वसावा से परिवहन संभल नहीं रहा है तो इस अधिकारी को हटाया जाना चाहिए, ताकि प्रशासन को जग हंसाई से बचाया जा सके, परिवहन कार्यालय में परेशान आम नागरिकों को राहत पहुंचाई जा सके। पिछले दिनों देवास के परिवहन विभाग के जो चर्चे आम हुए हैं, उसने इस विभाग के भ्रष्टाचार को आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना दिया है और जनता सवाल कर रही है कि आरटीओ एजेंट ये सुभाष जैन कौन हैं, जो परिवहन कार्यालय में अवैध उगाही की जिम्मेदारी संभाल रहा है? ***********

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क्या देवास भाजपा में नया नेतृत्व उभारने की कोशिश है केबिनेट दर्जा प्राप्त प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव? आभार रैली और रैली में हुए स्वागत ने शहर को बताया बहुत लोकप्रिय है राजेश यादव https://bebakazad.in/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8/ https://bebakazad.in/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8/#respond Sun, 23 Apr 2023 02:27:41 +0000 https://bebakazad.in/?p=12203 पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101 पार्षद एवं भाजपा जिला महामंत्री राजेश यादव, देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष बनाए गए हैं और सिर्फ अध्यक्ष ही नहीं बनाए गए हैं, अपितु उन्हें केबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त हुआ है। राजेश यादव ने शहर में आभार रैली निकालकर पदभार ग्रहण किया, रैली और रैली में हुए स्वागत […]

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पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

पार्षद एवं भाजपा जिला महामंत्री राजेश यादव, देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष बनाए गए हैं और सिर्फ अध्यक्ष ही नहीं बनाए गए हैं, अपितु उन्हें केबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त हुआ है। राजेश यादव ने शहर में आभार रैली निकालकर पदभार ग्रहण किया, रैली और रैली में हुए स्वागत ने शहर को बताया कि देवास भाजपा का बहुत लोकप्रिय युवा नेता हैं राजेश यादव। रैली में भाग लेने वाले मन से रैली में शामिल हुए थे और स्वागत करने वाले स्वप्रेरणा से उत्साहपूर्वक स्वागत कर रहे थे, ऐसा लग रहा था मानो सारा शहर,सारा देवास, राजेश यादव के प्राधिकरण अध्यक्ष बनने की खुशी मना रहा हो। जहां तक राजेश यादव की बात है देवास भाजपा का ऐसा युवा नेता है, जो संगठन में दूर तक पसरा है और अपने साथियों के अधिकारों के लिए लड़ने को तत्पर रहता है, अनेक ऐसे अवसर आए हैं,जब राजेश यादव लड़ा है, झगड़ा है और अपने साथियों को टिकट दिलाकर लाया है, जो साथियों के टिकट के लिए लड़ सकता है,वह अपने टिकट के लिए क्यों नहीं अड़ सकता ? लेकिन राजेश यादव ने अपने लिए कभी नहीं चाहा, पहली निगम परिषद है, जिसमें राजेश यादव भाजपा महामंत्री के साथ साथ पार्षद भी है,शहर ने इस युवा नेता को सत्ता के लिए लालायित कभी नहीं देखा, लेकिन संगठन के प्रति जुनून की हद तक समर्पित देखा है। यदि अपने साथी का एक पैसे का लाभ हो रहा है तो यह युवा नेता अपने निन्यानवे पैसे का नुकसान कर लेगा, ऐसा इसके शुभचिंतकों के बीच कहा जाता है, यही कारण है कि आज की तारीख में समर्थक कार्यकर्ताओं के मामले में राजेश यादव भाजपा का सबसे धनवान नेता माना जाता हैं। राजेश यादव के पदभार ग्रहण समारोह और आभार रैली के शहर भर में चर्चें है, इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि आभार रैली अभूतपूर्व थी, उसमें हुआ राजेश यादव का स्वागत भी अभूतपूर्व था। उल्लेखनीय है भाजपा की ही राजनीति में एक वर्ग पवार राजवंश के खिलाफ वैचारिक मतभेद रखता है और इन मतभेदों को देवास की जनता भी शिद्दत से महसूस करती आई हैं। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि महाराज श्रीमंत तुकोजीराव पवार के देहावसान के बाद पवार राजवंश की राजनीति पर से पकड़ ढीली पड़ी है। राजमाता गायत्री राजे पवार और महाराज श्रीमंत विक्रम राव पवार की राजनीतिक अनुभवहीनता के चलते उनके आसपास ऐसे लोगों को महत्व मिल गया, जो लायक नहीं थे और ये उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाले साबित हुए हैं, विरोधी बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। हालांकि देवास भाजपा में पवार राजघराने के विरोध में एक धारा प्रारंभ से बहती आई है, लेकिन वह महाराज तुकोजीराव पवार के सामने कमजोर थी, क्षीण थी, उनके जाने के बाद वह धारा गहरी हुई है, मजबूत हुई है, नतीजा सामने है राजेश यादव का प्रभावशाली ढंग से उभार। राजेश यादव प्रभावशाली ढंग से देवास की राजनीति में उभर रहे हैं या उभारे जा रहे हैं? विचारणीय प्रश्न है। यह सही है देवास की भाजपा राजनीति पर पिछले तीन-साढ़े तीन दशक से पवार राजघराने का एक छत्र राज रहा है, महाराज तुकोजीराव पवार के जाने के बाद राजमाता गायत्री राजे पवार विधायक बनी, लेकिन वे प्रशासन पर नियंत्रण रखने के लोभ में राजनीति पर नियंत्रण नहीं रख पाई, पार्टी में पवार विरोधी प्रबल हुए हैं। नव नियुक्त प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव बजरंग पुरे से आते हैं और बजरंग पुरे ने देवास भाजपा में हमेशा पवार विरोध का झंडा बुलंद किया है। राजेश यादव को भी पवार राजवंश से मतभेद रखने वाले नेताओं में गिना जाता है,उनका धूम-धड़ाके से प्राधिकरण अध्यक्ष बनना, देवास में कयासों के द्वार खोल गया। अलग-अलग चौपालों पर अलग -अलग कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या राजेश यादव को नए नेतृत्व के रूप में उभारा जा रहा है? क्या आगामी विधानसभा चुनाव में राजेश यादव देवास विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीमंत राजमाता गायत्री राजे पवार के समानांतर दावेदारी पेश करेंगे? राजेश यादव की आभार रैली में किया गया स्वागत एवं उनका प्रभावशाली ढंग से राजनीतिक उभार चुगली कर रहा है कि सांगठनिक स्तर पर पवार राजघराने के सामने एक बड़ी लकीर खींचने की कोशिश की जा रही हैं। शहर में बदलती राजनीतिक परिस्थितियां देवास में करवट लेती राजनीति के मायने बता रही हैं, समझने वाले समझ गए हैं,ना समझे वो अनाड़ी हैं। ***************

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असुविधाओं के बीच सुविधाजनक ढंग से काम करने की कोशिश करते देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, जनप्रतिनिधि इस कलेक्टर को सही दिशा में काम करने दे तो यह कलेक्टर देवास में प्रशासनिक आदर्श स्थापित कर सकता है https://bebakazad.in/%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%9c/ https://bebakazad.in/%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%9c/#respond Sat, 22 Apr 2023 14:18:34 +0000 https://bebakazad.in/?p=12200 पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101 कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला और एसपी शिवदयाल सिंह के स्थानांतर के बाद देवास ने प्रशासनिक स्तर पर राहत महसूस की है। इन दोनों अकर्मण्य अधिकारियों के जाने के बाद देवास ने कलेक्टर के रूप में ऋषभ गुप्ता को पाया और एसपी के रूप में सम्पत उपाध्याय को। देवास की जनता […]

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पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला और एसपी शिवदयाल सिंह के स्थानांतर के बाद देवास ने प्रशासनिक स्तर पर राहत महसूस की है। इन दोनों अकर्मण्य अधिकारियों के जाने के बाद देवास ने कलेक्टर के रूप में ऋषभ गुप्ता को पाया और एसपी के रूप में सम्पत उपाध्याय को। देवास की जनता कलेक्टर ऋषभ गुप्ता को असुविधाओं के बीच सुविधाजनक ढंग से काम करने की कोशिश करते हुए देख रही है और उम्मीद कर रही है कि जनप्रतिनिधि अपने निहित राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर इस कलेक्टर को सही दिशा में काम करने दे तो यह देवास में प्रशासनिक आदर्श स्थापित कर सकता है। देवास की जनता कलेक्टर को गंभीरता पूर्वक प्रशासनिक कर्तव्य निभाते हुए देख रही हैं, लेकिन अभी एसपी सम्पत उपाध्याय के कर्तव्य एवं व्यवहार से परिचित होना बाकी है। जहां तक कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की बात है, वे अपने स्तर पर, अपने अधिनस्थ अधिकारी कर्मचारियों पर लापरवाही के लिए, निष्क्रियता के लिए कार्रवाई कर रहे हैं, दण्डित कर रहे हैं और प्रशासन को जनहितैषी, जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। देवास कलेक्टर लापरवाह, निष्क्रिय अधिकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोक रहे हैं, वेतन रोक रहे हैं, वेतन काट रहे हैं, सस्पेंड कर रहे और यही उनके हाथ में है, ताकि कर्मचारियों में अनुशासनात्मक भय स्थापित हो, वे जनता के प्रति जवाबदार बने। कलेक्टर की अपने अधिनस्थों पर की जाने वाली कार्रवाईयां साहसिक है, प्रशंसनीय है, साहसिक इसलिए कि हर दूसरा तीसरा अधिकारी कर्मचारी, नेताओं की चौखट पर लोट लगाने का आदी हैं, ऐसे में कलेक्टर का कार्रवाई करना साहसिक कदम ही कहा जाएगा। प्रायः देखने में यह आया है कि अधिकारी तो नियमानुसार जनहित में काम करना चाहते हैं, लेकिन जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही अपने निहित स्वार्थों के चलते अधिकारियों को काम नहीं करने देते हैं, जनप्रतिनिधि काम करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को हाशिए पर और निकम्मे चापलूस अधिकारी कर्मचारियों को मैदान में रखने का दबाव बनाते हैं। देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता को भी राजनीतिक दबाव एवं प्रभाव का सामना करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करना पड़ रहा है, इस बात को जनता समझ रही हैं और इसीलिए कहा जा रहा है कि कलेक्टर ऋषभ गुप्ता असुविधाओं के बीच सुविधाजनक ढंग से काम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऋषभ गुप्ता युवा हैं, पहली बार कलेक्टर के रूप में किसी जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे है, उनमें काम करने का जुनून एवं जज्बा है, लेकिन स्वार्थी नेताओं से अपेक्षित सहयोग मिलेगा, काम करने की स्वतंत्रता मिलेगी, इसमें संदेह है, बावजूद ऋषभ गुप्ता आम जन का दिल जीतने में कामयाब होते नजर आ रहे हैं, अपनी कार्यशैली से जनता को प्रभावित करते नजर आ रहे हैं। देवास की जनता के मन में कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के प्रति एक प्रकार की सहानुभूति है, क्योंकि उन्होंने चंद्रमौली शुक्ला जैसे नेताओं के गुलाम अकर्मण्य कलेक्टर के बाद देवास की जिम्मेदारी संभाली है, इसलिए जनता समझ रही हैं कि चंद्रमौली शुक्ला ऋषभ गुप्ता के लिए प्रशासन के नाम पर कबाड़खाना छोड़कर गए हैं, अभी तो ऋषभ गुप्ता देवास की जनता को चंद्रमौली शुक्ला द्वारा फैलाए गए रायते को सोरते (समेटते) नजर आ रहे हैं, कबाड़ को समेटते नजर आ रहे हैं। किसी भी कलेक्टर के व्यक्तित्व का परिचय जनसुनवाई में उसकी भागीदारी और गंभीरता से मिल जाता है, जनसुनवाई से लोटने वाले आम नागरिक कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की प्रशंसा कर रहे हैं। देवास की जनता अपने जनप्रतिनिधियों को जानती है, उन्हें अधिकारी अपनी सेवा में तैनात चाहिए, जनता की भावनाओं एवं परेशानियों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रहा है। चंद्रमौली शुक्ला और शिवदयाल सिंह जनप्रतिनिधियों की सेवा में तैनात रहने वाले अधिकारी थे,इन अधिकारियों ने जनता और जनभावना से कभी कोई लेना-देना नहीं रखा, लेकिन कलेक्टर ऋषभ गुप्ता मतलबपरस्त जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करते हुए, आम जनता को भी संतुष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, इसीलिए जनता के बीच कहा जा रहा है कि देवास कलेक्टर असुविधाओं के बीच सुविधाजनक ढंग से काम करने की कोशिश कर रहे हैं, यदि जनप्रतिनिधि इन्हें काम करने की स्वतंत्रता दे, स्वविवेक से काम करने दे तो यह अधिकारी देवास में प्रशासनिक आदर्श स्थापित कर सकता है, क्या देवास के जनप्रतिनिधि जनभावना का सम्मान करते हुए इस कलेक्टर को काम करने की स्वतंत्रता देंगे?काम करने का वातावरण देंगे? **************

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देवास के आरटीओ कार्यालय में खुलेआम रिश्वतखोरी, कौन हैं ये आरटीओ एजेंट सुभाष जैन, जो गरीब वाहन चालक से एक हजार रुपए मांग रहा है? क्या परिवहन अधिकारी ने इस एजेंट को रिश्वतखोरी के लिए नियत कर दिया है? https://bebakazad.in/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%93-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%ae/ https://bebakazad.in/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%93-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%ae/#respond Thu, 20 Apr 2023 08:44:14 +0000 https://bebakazad.in/?p=12178 पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101 आम आदमियों के बीच कहा जा रहा है कि देवास में पदस्थ जिला परिवहन अधिकारी, इन दिनों फावड़े से रुपया बटोरने में लगी है, ये सबला बनकर कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर पा रही हैं, अपितु अनियमितता भ्रष्टाचार को प्रश्रय देते हुए अबला बनकर सहानुभूति बटोरने की जुगत में […]

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पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

आम आदमियों के बीच कहा जा रहा है कि देवास में पदस्थ जिला परिवहन अधिकारी, इन दिनों फावड़े से रुपया बटोरने में लगी है, ये सबला बनकर कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर पा रही हैं, अपितु अनियमितता भ्रष्टाचार को प्रश्रय देते हुए अबला बनकर सहानुभूति बटोरने की जुगत में लगी रहती हैं। अधिकारी की ऊपरी अनैतिक आमदनी के चर्चे जब जनता के बीच होने लगे तो अनुमान लगाया जा सकता हैं कि अधिकारी ने कर्तव्य को हाशिए पर रखकर, उगाही करवाने पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। देवास की परिवहन अधिकारी को इनके विभाग में फैली अनियमितता, भ्रष्टाचार के कारण जनता के बीच चर्चा मिलने लगी है और यह चर्चा नकारात्मक है, जिस पद पर ये महिला अधिकारी बैठी है, उस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हैं। सारा मीडिया परिवहन विभाग में फैली अनियमितता और भ्रष्टाचार के रोने रो रहा है, लेकिन किसी जिम्मेदार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं। आश्चर्य तो देवास के जनप्रतिनिधियों पर होता है,

जो इन अनियमितता, भ्रष्टाचार पर मौन साधकर सरकारों को शर्मिंदा कर रहे हैं। आरटीओ कार्यालय में खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही है और यहां महिला जिलाधिकारी जया वसावा पदस्थ हैं। यदि कार्यालय में रिश्वत मांगे जाने के आरोप लग रहे हैं तो या तो अधिकारी आइड साईड लोगों के कंधों पर बंदूक रखकर ऊपरी कमाई करने में लगी है या फिर उनसे विभाग संभल नहीं रहा है, वे अयोग्य साबित हो रही है, असक्षम साबित हो रही है, अकर्मण्य साबित हो रही हैं? मैडम जी एक बार अपना स्थानांतरण रुकवा चुकी है, शायद देवास में कर्तव्य के साथ उनके स्वार्थ संलग्न हो गए है, इसलिए वे देवास छोड़ना नहीं चाहती। आरटीओ कार्यालय में बेशर्मी के साथ पैसे मांगते दलाल (एजेंट) प्रमाण है कि परिवहन अधिकारी क्यों देवास नहीं छोड़ना चाहती? अभी एक युवक अपने वाहन के फिटनेस के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाता रहा, उसके साथ और भी लोग छोटे-मोटे कामों के लिए चक्कर लगाते रहे,

इन लोगों को चक्कर देने का एक ही मकसद कि ये परेशान होकर पैसे दे और काम कराए, जो आरटीओ कार्यालय की परिपाटी बन चुका है, परंपरा बन चुका है। बिना पैसे दिए आरटीओ कार्यालय में काम कराना, मैडम जी के कार्यकाल में संभव नहीं हो पा रहा है और यही बात शिकायतकर्ता ने मीडिया के सामने कहने की कोशिश की है, शिकायतकर्ता मीडिया के सामने स्पष्ट कह रहा है कि एजेंट सुभाष जैन फिटनेस प्रमाण पत्र देने अथवा दिलाने के एक हजार रुपए मांग रहा है। शिकायतकर्ता परेशान होकर कलेक्टर की जनसुनवाई में गया, वहां कलेक्टर तो नहीं मिले, देवास प्रशासन के सबसे विवादास्पद और उटपटांग अधिकारी एसडीएम प्रदीप सोनी से सामना हुआ, जिन्होंने अपनी अयोग्यता का परिचय देते हुए शिकायतकर्ता को पुनः आरटीओ से ही मिलने का मशविरा दे दिया, क्या एसडीएम में योग्यता का एकदम अभाव है, शिकायतकर्ता आरटीओ की शिकायत लेकर आया है, उसे वापस आरटीओ के पास भेजना कौन सी समझदारी है? कहा जा सकता है प्रदीप सोनी जैसे अधिकारी के वेतनादि पर खर्च किया जाने वाला जनता का पैसा, अपव्यय हैं। शिकायतकर्ता आरटीओ कार्यालय गया तो अपने लिए था, लेकिन अन्य लोगों को परेशान देखकर उसके अंदर का नागरिक जाग गया और वह आरटीओ कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने लगा। बताया जा रहा है आरटीओ कार्यालय के भ्रष्टाचार की फाइलें बरसों से एसडीएम कार्यालय में भी अटकी पड़ी है, क्या मान लिया जाए आरटीओ कार्यालय के भ्रष्टाचार को एसडीएम कार्यालय से प्रश्रय मिल रहा है? क्या इसीलिए एसडीएम शिकायतकर्ता को कलेक्टर तक ना जाने देते हुए, पुनः आरटीओ के पास भेजने की कोशिश करते दिखाई दिए? आरटीओ कार्यालय में एक एजेंट सुभाष जैन के बड़े चर्चे हैं, जो खुलेआम पैसे की मांग करता है? कौन हैं ये सुभाष जैन जिसका उल्लेख शिकायतकर्ता कर रहा है?

यह किसकी शह पर काम कराने के पैसे मांग रहा है? कार्यालय के अंदर खुलेआम पैसे मांगे जाए और अधिकारी की जानकारी में ना हो, ऐसा संभव ही नहीं, इसलिए सवाल खड़ा होता है कि आरटीओ कार्यालय में ये सुभाष जैन है कौन? जो कुछ ना होते हुए भी बहुत कुछ बना हुआ है और निर्भीकता के साथ पैसे मांग रहा है? देवास का परिवहन विभाग जनता के बीच चर्चा में बना हुआ है भ्रष्टाचार के लिए, अनियमितताओं के लिए, अधिकारी की अकर्मण्यता के लिए और परिवहन अधिकारी को कोई फर्क ही नहीं पड़ता। ***************

The post देवास के आरटीओ कार्यालय में खुलेआम रिश्वतखोरी, कौन हैं ये आरटीओ एजेंट सुभाष जैन, जो गरीब वाहन चालक से एक हजार रुपए मांग रहा है? क्या परिवहन अधिकारी ने इस एजेंट को रिश्वतखोरी के लिए नियत कर दिया है? first appeared on BebakAzad.

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सजने लगा, बनने लगा, संघ के सपनों का भारत, ना तो अब कोई रोक सकता है और ना ही कोई अवरोध उत्पन्न कर सकता है, चाहे देश के अंदर की शक्ति हो, या बाहर की, सब मिलकर भी विरोध करे तो संघ के सपने को साकार होने से नहीं रोका जा सकता https://bebakazad.in/%e0%a4%b8%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%aa/ https://bebakazad.in/%e0%a4%b8%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%aa/#respond Sat, 15 Apr 2023 04:21:13 +0000 https://bebakazad.in/?p=12163 पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101 आजाद भारत की राजनीति में जो सबल स्थिति आज भारतीय जनता पार्टी की है,वह कभी कांग्रेस की हुआ करती थी, जैसे आज राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी का सामना करने के लिए रणनीति बनाते नजर आ रहे हैं, योजना बनाते नजर आ रहे हैं,उसी तरह कभी […]

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पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

आजाद भारत की राजनीति में जो सबल स्थिति आज भारतीय जनता पार्टी की है,वह कभी कांग्रेस की हुआ करती थी, जैसे आज राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी का सामना करने के लिए रणनीति बनाते नजर आ रहे हैं, योजना बनाते नजर आ रहे हैं,उसी तरह कभी कांग्रेस के खिलाफ सारे दल मिलकर रणनीति बनाया करते थे, योजना बनाया करते थे,उसमें जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी बनी संघ की राजनंदनी, भाजपा भी शामिल हुआ करती थी। चूंकि कांग्रेस कभी संगठन रही ही नहीं,बस सत्ता से चिपके लोगों की भीड़ थी, कांग्रेस सत्ता से अलग हुई तो सत्ता से चिपकी भीड़, सत्ता जाते ही कांग्रेस के आसपास से छट गई। महात्मा गांधी के अंधे आशीर्वाद से देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस का केंद्र रहे और आज का गांधी परिवार जवाहरलाल नेहरू का वंशज हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी की दादी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के पिता थे। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को कांग्रेस विरासत में मिली है,इनको भ्रम है कि प्रत्येक कांग्रेसी के लिए ये देव तुल्य है, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस के ढांचे को जिंदा दिखाई देने के लिए सत्ता लोभी चापलूसों को, नेहरू के वंशज गांधी परिवार के नाम की आवश्यकता है, इसलिए कांग्रेसियों के बीच गांधी परिवार को झेला जा रहा है,ढोया जा रहा है, अन्यथा गांधी परिवार के कुलदीपक राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्थक करके बताया है कि “पूत सपूत तो क्यों धन संचय,पूत कपूत तो क्यों धन संचय”? कड़वा सच कहा जाए तो 15 अगस्त को सत्ता हस्तांतरण दिवस कहा जा सकता है, स्वतंत्रता दिवस नहीं और स्वतंत्रता दिवस कहा जाए तो कैसे? 15 अगस्त 1947 से ही कांग्रेस के पीछे उन लोगों की भीड़ बढ़ती गई, जो 15 अगस्त सत्ता हस्तांतरण दिवस को स्वतंत्रता दिवस मानकर सत्ता सुख भोगने की लालसा रखते थे, सत्ता हस्तांतरण दिवस को स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्थापित करने की कोशिश करते रहे। लार्ड माउंटबेटन ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को देश की सत्ता सौंप दी थी,देश उसी को स्वतंत्रता कहता आया है, आजादी कहता आया है। सत्ता पाकर खुश हो जाने वाले लोगों से एक बहुत बड़ा विचारवान वर्ग नाराज रहा है, क्योंकि वह सत्ता हस्तांतरण के साथ-साथ देश को स्वतंत्र भी कराना चाहता था, आजाद भी कराना चाहता था। वह विचारवान वर्ग हमेशा से चाहता रहा कि भारत अपने पुराने वैभव के साथ विश्व बिरादरी में खड़ा हो, सदियों की गुलामी के बोझ से दबे दबे, दब्बू राष्ट्र के रूप में नहीं, लेकिन सत्ता लोभी नेताओं ने भारत को वैसे ही चलाया, जैसा देश छोड़कर जाने वाले अंग्रेज चाहते थे। सत्ता हस्तांतरण को स्वतंत्रता मानने वाले लोगों से असंतुष्ट एवं नाराज विचारवान लोग, जो भारत को उसके पुराने वैभव के साथ विश्व बिरादरी में स्थापित करना चाहते थे, चुप नहीं बैठे, वे धीरे-धीरे अपने स्तर पर अपने लक्ष्य की दिशा में काम करते रहे और आज वे इस स्थिति में आ गए हैं कि भारत को उसके पुराने वैभव के साथ स्थापित कर सके। जी हां यहां राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बात की जा रही हैं, राष्ट्र चिंतन, अनुशासन के लिए प्रसिद्ध, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने इस स्थिति को प्राप्त करने के लिए दशकों अनुशासनात्मक रूप से साधना की है, संघर्ष किया है और धैर्य रखा है। आज देश के सारे सूत्र संघ के हाथ में हैं, संघ के संस्कारों से संस्कारित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ में हैं। कांग्रेस सहित सारा विपक्ष हताश हैं और संघ अपनी राजनंदनी भाजपा के माध्यम से देश की राजनीति पर आच्छादित है। यदि कांग्रेस सहित विपक्ष सोच रहा है कि देश की सत्ता भाजपा से हासिल कर लेगा तो वह, खयाली पुलाव पका रहा है,मन के लड्डू खा रहा है। अब संघ भाजपा के हाथ से सत्ता छीन लेना आसान नहीं है, संघ एक दीर्घकालीन रणनीति और योजना लेकर चलने वाला, काम करने वाला, अनुशासन से अलंकृत संगठन है। संघ की दीर्घकालीन रणनीति में सिर्फ और सिर्फ उसके सपनों का भारत है, जिसका निर्माण सन् 2014 से नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही प्रारंभ हो गया था। यदि संघ के आत्मविश्वास को परखना है तो सन् 2014 में मोदी सरकार बनते ही संघ नेता राम माधव द्वारा दिए गए उस बयान पर ध्यान दिया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब पचास साल तक अन्य राजनीतिक दल भूल जाए कि उनकी सरकार आएगी। सन् 2014 के अखबार खंगाले जाएंगे तो दीर्घकालीन रणनीति से उपजे आत्मविश्वास पर आधारित राम माधव का यह बयान मिल जाएगा। संघ, सेवा, अनुशासन, त्याग, समर्पण और राष्ट्र भक्ति का पर्याय है तथा भाजपा संघ के संरक्षण में ही सत्ता के खेल खेलती हैं,अब बताओ ऐसे संगठन से, वे राजनीतिक दल कैसे पार पा सकते है, जो शुद्ध रूप से सत्ता स्वार्थ के लिए एक जगह इकट्ठे हुए हो? ************

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बहनें कितनी फजीत हो सकती है, बैंक वाले कितने परेशान हो सकते हैं, सरकारी अमला कैसे दौड़ भाग करता है, शायद यही सब देखने के लिए लाए हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लाड़ली बहना योजना? https://bebakazad.in/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9/ https://bebakazad.in/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9/#respond Tue, 11 Apr 2023 09:05:47 +0000 https://bebakazad.in/?p=12159 पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101 इन दिनों मध्यप्रदेश में चुनावी रेवड़ियां बांटी जा रही हैं और जिनके पास बांटने को रेवड़ियां नहीं है, वे आश्वासन की रेवड़ियां बांट रहे हैं, गैस सिलेंडर पांच सौ रुपए में कर देंगे, जैसे इनके बाप का माल है। सीधे-सीधे वोट पाने के लिए लालच दिए जा रहे हैं […]

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पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

इन दिनों मध्यप्रदेश में चुनावी रेवड़ियां बांटी जा रही हैं और जिनके पास बांटने को रेवड़ियां नहीं है, वे आश्वासन की रेवड़ियां बांट रहे हैं, गैस सिलेंडर पांच सौ रुपए में कर देंगे, जैसे इनके बाप का माल है। सीधे-सीधे वोट पाने के लिए लालच दिए जा रहे हैं और देश का चुनाव आयोग ना जाने कौन से पर्वत पर बैठकर राम धुन गा रहा है? इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना का ढिंढोरा पीट रखा है, जिसमें सारा मध्यप्रदेश फजीत हो रहा है, परेशान हो रहा है। प्रदेशभर की बहनें खाना-पीना, घर-बार, बच्चे, गृहस्थी सब छोड़कर, बैंक-बैंक भटक रही है,आन लाइन दुकानों पर डेरा जमाकर बैठी है, मुख्यमंत्री की इन बहनों के साथ वे बच्चे भी परेशान हो रहे हैं, जो बिना मां के घर पर नहीं रह सकते। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री की ये बहनें, बैंकों में दुत्कारी जा रही है, अपमानित की जा रही हैं, बैंक वाले भी क्या करें, बैंकों में मजमा ही इतना लगा हुआ है, वे किसे-किसे समझाए और कैसे समझाए? बैंक वालों का झल्लाना स्वाभाविक है, आखिर वे भी इंसान है। बैंकों की हालत यह है कि लाड़ली बहना योजना ने बैंकों के सारे कामकाज अस्त-व्यस्त कर दिए हैं, प्रभावित कर दिए हैं,जिन बहनों के खाते नहीं थे,वे खाते खुलवाने निकल पड़ी है,कुल मिलाकर कहा जाए तो बैंकों ने अपनी दैनिक दिनचर्या के कामकाज छोड़कर, लाड़ली बहना योजना को हाथ में ले लिया है। सरकारी अमले की यह हालत है कि वह मैदान में उतरकर मुख्यमंत्री की लाड़ली बहनों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बैंक की ओर भेज रहा हैं। सरकारी अमले के लोग पहले ही काम से परहेज करते हैं, ऊपर से लाड़ली बहना योजना आ गई, उन्हें और बहाना मिल गया काम ना करने का। कुल मिलाकर कहा जाए तो इस समय सारा प्रदेश परेशान हैं मुख्यमंत्री की लाड़ली बहना योजना के चक्कर में। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को सरकार पांच वर्ष तक एक-एक हजार रूपए महिना देगी और एक हजार रुपए महीना पाने के चक्कर में प्रदेशभर की महिलाएं खुद भी परेशान हो रही हैं और व्यवस्था को भी परेशान कर रही हैं। लाड़ली बहनों का ही पैसा लाड़ली बहनों को दिया जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐसा प्रदर्शित कर रहे हैं,मानो वे अपने बाप-दादा की जमा पूंजी प्रदेश की बहनों पर लुटा रहे हो? मुख्यमंत्री शिवराज, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ये सब चुनाव को धंधे में तब्दील करते जा रहे हैं, जनता को लालच दे रहे हैं और चुनाव आयोग चुप बैठा है, क्यों? क्या आचार संहिता लागू होने के बाद ही चुनाव आयोग मैदान संभालता है? बाकी समय चुनाव आयोग क्या करता है, जनता को पता तो चले? यदि ऐसा है तो आचार संहिता कम से कम चुनाव से छह महीने पहले लागू होना चाहिए, ताकि शिवराज कमलनाथ जैसे धंधेबाज नेताओं पर लगाम लग सके। इधर शिवराज ने महिलाओं को एक हजार रुपए महीना देने की जुगत भिड़ाई तो उधर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जनता को गैस सिलेंडर पांच सौ रुपए में कर देने का लालिपाप दे रहे हैं। यदि राजनीति के इन मठाधीशों को सरकार बनाने के लिए जनता को लालच देना पड़ रहा है तो जनता को समझ जाना चाहिए, ये अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं, जनता की नजरों से उतर चुके हैं। प्रदेशभर की बहनों को समझना चाहिए लाड़ली बहना योजना सिर्फ चुनावी रेवड़ी है और चुनाव के बाद यह रेवड़ी कब तक बंटेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है? प्रदेश की भोलीभाली महिलाओं, लाड़ली बहना योजना अलोकप्रिय हो चुके मुख्यमंत्री का चुनावी हथकंडा है, यदि मुख्यमंत्री शिवराज आप लोगों के प्रति इमानदार होते तो मुख्यमंत्री बनते ही लाड़ली बहना योजना लागू कर देते, अभी तक बहनों को 36,000 रूपए एक हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से मिल चुके होते। कड़वा सच तो यह है कि चुनावी हथकंडे के रूप में लाई गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेशभर में बहनों को परेशान कर दिया है,फजीत कर दिया है। मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं प्रदेश की बहनें कितनी फजीत हो सकती हैं, बैंक वाले कितने परेशान हो सकते हैं और सरकारी अमला कैसे भागदौड़ करता है, शायद यही सब देखने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ये लाड़ली बहना योजना लेकर आए है? **************

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रूपेश तुम बच्चे हो, राजनीति के खेल में सूत से भी ज्यादा कच्चे हो, तुम्हारा अपना कोई अस्तित्व नहीं, तुम विधायक के भाई हो, इसलिए तुम्हारे पीछे “मैं रूपेश हूं” कहनेवाले घूमते हैं, स्वीकार करो तुम अपने विधायक भाई की राजनीति के बूंदे बैठ रहे हो https://bebakazad.in/%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4/ https://bebakazad.in/%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4/#respond Sun, 09 Apr 2023 15:42:09 +0000 https://bebakazad.in/?p=12155 पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101 मैं पंडित प्रदीप मोदी आज सीधे-सीधे खातेगांव-कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के छोटे भाई रूपेश शर्मा से मुखातिब हूं, जिसने बिना अपना परिचय दिए वाट्सएप पर मुझसे चेटिंग की। मैं सीधे-सीधे इस बच्चे (रूपेश शर्मा) से मुखातिब नहीं होता, यदि यह छिछोरी शब्दावली के साथ मुझसे वाट्सएप चैट नहीं करता। […]

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पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101

मैं पंडित प्रदीप मोदी आज सीधे-सीधे खातेगांव-कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के छोटे भाई रूपेश शर्मा से मुखातिब हूं, जिसने बिना अपना परिचय दिए वाट्सएप पर मुझसे चेटिंग की। मैं सीधे-सीधे इस बच्चे (रूपेश शर्मा) से मुखातिब नहीं होता, यदि यह छिछोरी शब्दावली के साथ मुझसे वाट्सएप चैट नहीं करता। हालांकि जिस नंबर से मुझसे चैट की गई, वह नंबर मेरे पास सेव नहीं था, उस नंबर की वाट्सएप डीपी पर देखो तो भगवन लिखा हुआ मिलता है। कन्नौद निवासी अपने शुभचिंतकों से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि यह खातेगांव-कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा का नंबर है, इसीलिए मैं सीधे सीधे रूपेश शर्मा से मुखातिब हूं। वत्स रूपेश शर्मा, तुम्हारी अपनी कोई पहचान नहीं है, तुम खातेगांव-कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के भाई हो, बस इतनी ही तुम्हारी पहचान है और तुम इस पहचान को आधार बनाकर खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के बहुत बड़े वर्ग की नाराज़गी का कारण बने हुए हो। पीछे जो जनता के बीच तुम बीज बो कर आए हो ना, उन्होंने कांटेदार वृक्षों को जन्म दिया है और ये कांटेदार वृक्ष तुम्हारे अपने भाई की राजनीतिक लंगोटी उछालने वाले तो है ही, भाजपा को भी जनता के बीच लज्जित करने वाले साबित हो रहे हैं। उस पर बेटा तू मुझ जैसे खजूर छाप पत्रकार से मुंहजोरी कर रहा है, ठिठोली कर रहा है, मैं पूछ रहा हूं आप कौन हैं और “आका” शब्द का उपयोग आपने किसके लिए किया है? तो जवाब देता है आप अंतर्यामी है, मैंने लिखा भाई मैं साधारण इंसान हूं, तू फोकट की चकल्लस मत कर और ये बता कि तू है कौन और तूने आका शब्द का उपयोग किसके संदर्भ में किया तो बंदे ने सोशल मीडिया के एक दो कमेंट्स के स्क्रीन शॉट डाल दिए। जब पता चला कि वाट्सएप पर विधायक का भाई रूपेश शर्मा था तो फिर मैंने सीधे सीधे जनता के बीच इससे मुखातिब होना ही बेहतर समझा, क्योंकि मैंने अपने व्यक्तित्व का विकास सड़कों पर किया है, दुनिया को युनिवर्सिटी और मिलने वाले हर आदमी को प्रोफेसर माना है, जो कुछ न कुछ ज्ञान देकर ही गया है, इसलिए जन व्यक्तित्वों से जनता के बीच ही बात करना पसंद करता हूं। बताता चलूं कन्नौद के प्रखर पत्रकार चंचल भारतीय को जिला बदर किए जाने के बाद से ही मैं कन्नौद के अनेक पत्रकार, बुद्धिजीवियों से जुड़ा हुआ हूं, संपर्क में हूं। मुझे बताया गया कि हनुमान जयंती पर ग्राम डोकाकुई की शोभा यात्रा को विधायक के भाई की हठधर्मिता का शिकार होना पड़ा, शोभा यात्रा में शामिल नन्ही-नन्ही बच्चियों को और महिलाओं को नंगे पैर घंटे, दो घंटे धूप में परेशान होना पड़ा तथा यह सब रूपेश शर्मा ने जानबूझकर किया, ताकि लोग परेशान होकर शोमा यात्रा से चले जाएं और शोभा यात्रा उपस्थिति की दृष्टि से असफल हो जाए, अर्थात छिछोरे रूपेश की छिछोरी सोच। डोकाकुईं के लोग शोभा यात्रा में श्रद्धा के सुमन अर्पित कर रहे हैं, हनुमान जी के प्रति अपनी तन्मयता, अपना प्रेम अर्पित कर रहे हैं और यह मूर्ख हनुमान जी की शोभा यात्रा को राजनीतिक नजरिए से देख रहा है, उसमें अड़ंगे डालने की कोशिश कर रहा है, उसे असफल करने की कोशिश कर रहा है। मैंने पूछा यह इस शोभा यात्रा के साथ ऐसा क्यों कर रहा है तो एक नेता का नाम मुझे बताया और बताया कि उनकी पत्नी जनपद अध्यक्ष है, वे ही शोभा यात्रा निकालते हैं, रूपेश को ऐसा लगता है कि वे शोभा यात्रा निकालकर विधानसभा का टिकट ना मांग ले, छिछोरे रूपेश की छिछोरी सोच। इन्हीं सब बातों को लेकर मैंने टिप्पणी लिखी थी, जिससे बौखलाकर रूपेश मेरे सामने वाट्सएप पर आया था और शोभा यात्रा निकालने वाले डोकाकुईं के उस नेता को मेरा आका बताने का दुस्साहस कर रहा था, उस नेता से पूछना कि क्या उसमें पंडित प्रदीप मोदी का आका बनने की क्षमता और हैसियत है? रूपेश तेरे विधायक भाई ने तुझ पर अवलंबित होकर अपनी राजनीति की दुर्गति करा ली है और तू अपरिपक्व है, छिछोरा है, सत्ता के मद में मदहोश हैं, तुझे ज्ञान ही नहीं है कि तू अपने भाई की राजनीति का कितना नुकसान कर रहा है? राजनीति में गंभीरता की आवश्यकता होती है, वह तुझ में है ही नहीं और तेरे पीछे जो मैं रूपेश हूं, मैं रूपेश हूं कहकर घूम रहे हैं, ये जिधर दम, उधर हम के सिद्धांत पर चलनेवाले लुंगाड़े है, जो तुझे चने के झाड़ से नीचे नहीं उतरने दे रहे हैं। वो डोकाकुईं का नेता मेरा आका नहीं है बेटा रूपेश, मेरा आका एक ही हैं, वो है संझा लोकस्वामी वाले जीतू भाई सोनी, जो दबंग पत्रकारिता का दण्ड जेल में भोग रहे हैं, मैं उनके बुरे वक्त में उनके लिए लिखने वाला अनोखा पत्रकार हूं और आज भी उनकी प्रतीक्षा कर रहा हूं। मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करता, आज के बाद मेरे जैसे खजूर छाप पत्रकार से वाट्सएप चैट करें तो पहले परिचय देना और छिछोरपंथी तो बिल्कुल करना ही नहीं, क्योंकि नेताओं के बीच कहा जाता है, मोदी जी से वाट्सएप चैट करना खजूर से पीठ रगड़ना है, इतना पढ़ने के बाद बच्चे तुझे भी कहना पड़ रहा होगा कि मैंने गुरुदेव पंडित प्रदीप मोदी से वाट्सएप चैट करके, क्यों खजूर से पीठ रगड़ी? रूपेश अभी तू बच्चा है राजनीति में सूत से भी ज्यादा कच्चा है, इसलिए आज इतना ही, आगे तुझसे मुखातिब होता रहूंगा, क्योंकि सत्ता मद तुझे सकना बैठने नहीं देगा और तू मेरी कलम को आकर्षित करता रहेगा, लिखने को प्रेरित करता रहेगा। मैं तेरी तरफ से आने वाले प्रत्युत्तर के लिए प्रतीक्षारत रहूंगा। **************

The post रूपेश तुम बच्चे हो, राजनीति के खेल में सूत से भी ज्यादा कच्चे हो, तुम्हारा अपना कोई अस्तित्व नहीं, तुम विधायक के भाई हो, इसलिए तुम्हारे पीछे “मैं रूपेश हूं” कहनेवाले घूमते हैं, स्वीकार करो तुम अपने विधायक भाई की राजनीति के बूंदे बैठ रहे हो first appeared on BebakAzad.

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*खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा को अपने ही क्षेत्र के आशीर्वाद दाताओं को तकलीफ देने में जाने क्या मजा आता है? हनुमान जयंती पर इस असंवेदनशील इंसान के कारण परेशान होती रही शोभा यात्रा में शामिल महिलाएं एवं बच्चियां* https://bebakazad.in/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%86/ https://bebakazad.in/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%86/#respond Fri, 07 Apr 2023 15:08:19 +0000 https://bebakazad.in/?p=12142 *पंडित प्रदीप मोदी* _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र से आने वाली खबरें अच्छी नहीं है, ये खबरें विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा के सत्ताजनित अहंकार का ऐलान कर रही हैं और विधायक की राजनीति को मटियामेट कर देने की चुगली कर रही हैं। विधायक के भाई को जनता के बीच ऐसा व्यवहार करना […]

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*पंडित प्रदीप मोदी* _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_

खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र से आने वाली खबरें अच्छी नहीं है, ये खबरें विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा के सत्ताजनित अहंकार का ऐलान कर रही हैं और विधायक की राजनीति को मटियामेट कर देने की चुगली कर रही हैं। विधायक के भाई को जनता के बीच ऐसा व्यवहार करना चाहिए कि जनता को लगे कि वाकई विधायक का भाई है, जनता के हितों का पहले ध्यान रखता है, लेकिन खातेगांव-कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा अजीब ही मिट्टी के बने हैं, उन्हें जनता की छाती पर मूंग दलने में मजा आता है, परेशान करने में मजा आता है। पीछे ऐसे अनेक वाकिए हुए हैं, जिनमें विधायक के भाई की भूमिका नकारात्मक रही हैं, लेकिन हनुमान जयंती के दिन यह भला मानुष एक बार फिर शोभा यात्रा में शामिल कलश धारण करने वाली महिला एवं बच्चियों के लिए परेशानी का कारण बना। उल्लेखनीय है कन्नौद थाना परिसर स्थित जेल बालाजी मंदिर से लगाकर ग्राम डोकाकुईं तक डोकाकुईं एवं आसपास के आस्थावान लोग एक शोभा यात्रा निकालते हैं और यह क्रम पिछले आठ-नौ सालों से निरंतर चला आ रहा है। इसके लिए डोकाकुईं ग्राम के लोग विधिवत रूप से पुलिस अधीक्षक, एसडीएम,थाना प्रभारी को आठ दिन पहले सूचना देते हैं और उसके बाद शोभा यात्रा निकालते हैं। इस हनुमान जयंती पर भी डोकाकुईं के आस्थावान लोगों ने प्रशासन के जिम्मेदार लोगों को आठ दिन पहले ही प्रतिवर्षानुसार निकलने वाली शोभा यात्रा की सूचना दे दी थी, लेकिन फिर भी शोभा यात्रा में शामिल महिलाएं एवं बच्चियों को नंगे पैर धूप में बिना वजह फजीत होना पड़ा, परेशान होना पड़ा,सिर्फ विधायक के भाई में उपजे सत्ताजनित अहंकार को तुष्ट करने के लिए। हुआ यूं कि जिस समय डोकाकुईं की शोभा यात्रा निकलनी थी, एक अन्य शोभा यात्रा हनुमत ग्रूप की सामने आ गई, जिसमें एक डीजे और लगभग नब्बे-सौ युवा होंगे, इस शोभा यात्रा की अगुवाई विधायक के भाई रूपेश शर्मा कर रहे थे। चाहता तो पुलिस प्रशासन दोनों शोभा यात्राओं को सुगमता पूर्वक बिना रोके अपने-अपने गंतव्य की ओर अग्रसर कर सकता था, लेकिन एक शोभा यात्रा की अगुवाई विधायक के भाई कर रहे थे, इसलिए उन्हें खुश करने के लिए प्रशासन ने डोकाकुईं की शोभा यात्रा को रोक दिया और शोभा यात्रा में शामिल नन्ही-मुन्नी बच्चियों सहित महिलाओं को परेशान करके रख दिया,फजीत करके रख दिया। डोकाकुईं की शोभा यात्रा में लगभग तीन हजार लोग आस्था के साथ शामिल हुए। शोभा यात्रा में कलश धारण किए महिलाएं एवं बच्चियां,नृत्य टोलियां,भजन मंडली, झांकी,बैंड बाजा सब शामिल थे, शोभा यात्रा सारे कन्नौद को हनुमानमय बना रही थी। आस्था की ऐसी शोभा यात्रा में विधायक के भाई रूपेश शर्मा द्वारा व्यवधान डालने की कोशिश करना,सारे क्षेत्र में उन्हें निंदा का पात्र बना गया। विधायक के भाई ने ऐसी हरकत करके अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है। बताया जा रहा है डोकाकुईं एक ऐसे भाजपा नेता का गांव है, जो भाजपा के प्रति समर्पित है,बालाजी हनुमान का परम भक्त है, जिसके कहने पर गांव का गांव बालाजी की भक्ति में रत होकर सड़क पर आ जाता है।डोकाकुईं के ये भाजपा नेता भी उन 41 लोगों में शामिल हैं, जिनके नाम का विधायक के भाई ने पानी छोड़ दिया है। यह शोभा यात्रा डोकाकुईं के उसी नेता द्वारा निकाली गई, इसलिए इसमें शामिल लोगों को परेशान होना पड़ा, क्योंकि इस गांव में भाजपा का ऐसा नेता निवास करता है, जो जनता के बीच प्रभाव रखता है और उसका यही प्रभाव विधायक के भाई के पेट में मरोड़ उत्पन्न करता हैं। डोकाकुईं की शोभा यात्रा में शामिल महिला एवं बच्चियों को परेशान देखकर कन्नौद की जनता ने यही कहा विधायक और विधायक के भाई को सत्ता पचाए नहीं पच रही हैं, वे ऐसी टुच्ची और छिछोरी हरकतें करके भाजपा का नाम खराब कर रहे हैं और सत्ता की गरिमा को तार तार कर रहे हैं। ***********

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किसानों को एफआईआर की धमकी दे देना कलेक्टर की झुंझलाहट, समझा जा सकता है देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता किस प्रशासनिक दौर से गुजर रहे होंगे ? https://bebakazad.in/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%8f%e0%a4%ab%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a5%80/ https://bebakazad.in/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%8f%e0%a4%ab%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a5%80/#respond Thu, 06 Apr 2023 11:12:37 +0000 https://bebakazad.in/?p=12138 पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)9009597101 पिछले दिनों देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने किसान नेताओं को एफआईआर की धमकी दे दी और किसान नेता यह कहते हुए लौट आए कि जब कलेक्टर इस तरह बात करेंगे तो उनके अधिनस्थ अधिकारी हमसे कैसी बात करेंगे? किसानों का कहना सही है,यह तो कलेक्टर का अधिनस्थ अधिकारियों को किसानों […]

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पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)9009597101

पिछले दिनों देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने किसान नेताओं को एफआईआर की धमकी दे दी और किसान नेता यह कहते हुए लौट आए कि जब कलेक्टर इस तरह बात करेंगे तो उनके अधिनस्थ अधिकारी हमसे कैसी बात करेंगे? किसानों का कहना सही है,यह तो कलेक्टर का अधिनस्थ अधिकारियों को किसानों के प्रति उपेक्षित रवैया अपनाने को प्रेरित करनेवाला व्यवहार रहा। किसानों की मांगों को भी गलत नहीं कहा जा सकता, किसानों का शोषण करने वाले लोग सारे तंत्र पर हावी है और कलेक्टर की समस्या यह है कि उन्हें सत्ता के बगलगीर इन किसान शोषक प्रभावशाली लोगों से समन्वय स्थापित करके कलेक्टर के रूप में काम करना है। किसान अपनी उपज जिस कांटे पर तुलवाकर बेचना चाहता है, नियमानुसार प्रशासन ने उस कांटे पर तुलवाकर किसान की उपज खरीदी करने की व्यवस्था करना चाहिए,ना कि उन्हें एफआईआर कराने की धमकी दी जाना चाहिए। प्रायः देखा गया है कलेक्टर ऋषभ गुप्ता शांत चित्त व्यक्तित्व के स्वामी हैं, आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वे धैर्य से सुनते हैं, उसकी समस्या का निराकरण करने की कोशिश करते हैं, बावजूद उन्होंने किसानों के प्रतिनिधियों को एफआईआर करा देने की धमकी दे दी, जिसके कारण सारे ही क्षेत्रों में आश्चर्य व्यक्त किया गया है। ऋषभ गुप्ता समझते हैं कि नीचे नहीं सुनी जाती, तब ही लोग कलेक्टर तक पहुंचते हैं और कलेक्टर उम्मीद लेकर आने वाले लोगों को धमकी देकर डराने लगेंगे तो कैसे काम चलेगा? इसमें कोई दो मत की बात नहीं कि ऋषभ गुप्ता कांटों का ताज पहनकर कर्तव्य का निर्वाह कर रहे हैं। देवास जिले के तमाम नेता सिर्फ अपनी सोचते हैं, अपने पट्ठों के बारे में सोचते हैं,आम जन के बारे में सोचने वाला कोई नहीं है, यही कारण है कि अलग अलग वर्गों को अपने प्रतिनिधियों के नेतृत्व में अपनी समस्याओं के लिए आवाज उठाना पड़ती हैं और ऐसे में ऋषभ गुप्ता जैसा शांत चित्त कलेक्टर एफआईआर की धमकी देगा तो कैसे काम चलेगा?लोग यदि अपनी समस्या लेकर कलेक्टर तक पहुंच रहे हैं तो इसका सीधा सा मतलब है कि नीचे के अधिकारी इमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर रहे हैं और अपने निकम्मे अधिनस्थों की झल्लाहट कलेक्टर द्वारा किसानों पर उतारना ठीक नहीं कहा जा सकता। झुंझलाहट में कलेक्टर ने एफआईआर की धमकी किसानों को दे तो दी, बाद में वे भी अपने व्यवहार को लेकर अपने आप पर झल्लाए होंगे ? ऋषभ गुप्ता भी क्या करें, पूर्व कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला उनके लिए विरासत में प्रशासनिक कबाड़खाना छोड़कर गए हैं, वे कबाड़ से जुगाड़ करें तो कितना? आखिर उनकी झल्लाहट, झुंझलाहट कहीं तो निकलेगी,सो किसानों पर निकल गई। कलेक्टर द्वारा किसानों को दी गई एफआईआर की धमकी को परेशान कलेक्टर की झल्लाहट, झुंझलाहट समझकर किसानों ने खारिज कर देना चाहिए। *****************”

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जन धन पर डाका डालने वाले भ्रष्टों के प्रधान आचार्य, जनपद सीईओ माधवाचार्य, इनके संरक्षण में निकलते रहे पैसे, बिना किए कार्य, ऐसे भ्रष्ट संरक्षक अधिकारी की देखरेख में कैसे हो गांवों का उद्धार? https://bebakazad.in/%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a5%8d/ https://bebakazad.in/%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a5%8d/#respond Sat, 01 Apr 2023 07:56:44 +0000 https://bebakazad.in/?p=12128 पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)9009597101 मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील की ग्राम पंचायत लोहारी, निसरपुर विकास खण्ड में आती हैं और इस विकास खण्ड के जनपद सीईओ माधवाचार्य हैं। इस जनपद सीईओ के संरक्षण में कहें, या मार्गदर्शन में कहें, ग्राम पंचायत लोहारी में एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार हुए, लेकिन […]

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पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)9009597101

मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील की ग्राम पंचायत लोहारी, निसरपुर विकास खण्ड में आती हैं और इस विकास खण्ड के जनपद सीईओ माधवाचार्य हैं। इस जनपद सीईओ के संरक्षण में कहें, या मार्गदर्शन में कहें, ग्राम पंचायत लोहारी में एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार हुए, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं और शर्म की बात यह है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री देश, प्रदेश के छिलंगे (शिखर) पर बैठकर इमानदारी के ढोल पीट रहे हैं। ग्राम पंचायत लोहारी में एक से अधिक बार ऐसा हुआ है कि विकास कार्य किए ही नहीं और सरपंच,पंचायत सचिव, ठेकेदार जनता के पैसे निकाल कर खा गए तथा निष्क्रिय जनपद सीईओ माधवाचार्य, आफिस में कुर्सी पर बैठकर बुदबुदाते रहे कि “जनता का नहीं,यह मेरे बाप माल है,खा जाओ भ्रष्टों भर-भर पेट”। जनपद सीईओ माधवाचार्य का क्या काम था और वे क्या करते रहे? जांच का विषय है। वैसे तो ग्राम पंचायत लोहारी में एक से एक कारनामें हुए और हर कारनामें में जनपद सीईओ माधवाचार्य की भूमिका संरक्षक वाली रही, लेकिन सांसद निधि से स्ट्रीट लाइट लगाने वाले मामले में तो इस अधिकारी ने बेशर्मी की हद पार कर दी, भ्रष्टों को बचाने के लिए ये अधिकारी सीएम हेल्पलाइन पर झूठ बोलने से भी बाज नहीं आया। दरअसल सन् 2018-19 में सांसद निधि से ग्राम पंचायत लोहारी में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 14,89,874 (चौदह लाख उनब्बे हजार आठ सौ चौहत्तर) रूपए स्वीकृत हुए, शिकायत है कि गांव में स्ट्रीट लाइट का काम किया ही नहीं और सरपंच श्रीमती सुंदरबाई डोडवा, सचिव मंसाराम पाटीदार, और ठेकेदार विक्रम चौयल ने पैसा निकाल लिया। ग्राम के ही जागरूक नागरिक ने मय प्रमाण सभी जिम्मेदारों को शिकायत की,पता नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में शिकायतों का क्या होता है? दिनांक 28 नवंबर 2022 को शिकायतकर्ता ने प्रमाण के साथ जनपद सीईओ को भी शिकायत की, लेकिन जनपद सीईओ ने शिकायत पर संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा। जनपद सीईओ माधवाचार्य भ्रष्टों को बचाने के लिए कितने दृढ़संकल्पित है, इससे पता चलता है कि एमपीईबी शिकायतकर्ता को आरटीआई के तहत 25 नवंबर 2022 को जानकारी देती हैं कि आज दिनांक तक ठेकेदार विक्रम चौयल की तुलसी कंस्ट्रक्शन कंपनी को कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है और 24 नवंबर 2022 को जनपद सीईओ माधवाचार्य सीएम हेल्पलाइन पर जवाब प्रस्तुत करते हैं कि एमपीईबी द्वारा प्रदान किए प्रमाण पत्र के आधार पर पंचायत ने ठेकेदार को भुगतान किया है। यदि एमपीईबी जनपद सीईओ द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर जवाब देने के एक दिन बाद शिकायतकर्ता को आरटीआई में जानकारी दे रही है कि एमपीईबी ने आज दिनांक तक कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया है तो पंचायत ने कौन से कूटरचित दस्तावेज देखकर पंचायत ने ठेकेदार को भुगतान कर दिया? जनपद सीईओ ने कूट रचित दस्तावेजों का परिक्षण करना क्यों जरूरी नहीं समझा? क्या कूट रचित दस्तावेज तैयार करने के अपराध में जनपद सीईओ की भी संलिप्तता है? इसका सीधा सा अर्थ है बिना काम करे पैसा खाने के लिए सरपंच श्रीमती सुंदरबाई डोडवा, सचिव मंसाराम पाटीदार और ठेकेदार विक्रम चौयल ने कूट रचित दस्तावेज बनाकर अपराध किया है और जनपद सीईओ माधवाचार्य ने जानबूझकर इस अपराध को नजरंदाज करके अपराध किया है। सांसद निधि भी आम जनता की ही निधि होती हैं और भ्रष्ट इसे लूट ले जाए तो सारी व्यवस्था को शर्मसार होने की आवश्यकता है, यहां तो जनपद सीईओ माधवाचार्य, भ्रष्टों के प्रधान आचार्य बनकर उन्हें बचाने का अपराध करते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज के शासनकाल में ऐसे अधिकारियों के लिए कोई व्यवस्था है या नहीं? या मुख्यमंत्री शिवराज अमल से दूर मुंह में सिद्धांत रखते हैं, बिना काम का बेकार सा वृतांत रखते हैं?**********************

The post जन धन पर डाका डालने वाले भ्रष्टों के प्रधान आचार्य, जनपद सीईओ माधवाचार्य, इनके संरक्षण में निकलते रहे पैसे, बिना किए कार्य, ऐसे भ्रष्ट संरक्षक अधिकारी की देखरेख में कैसे हो गांवों का उद्धार? first appeared on BebakAzad.

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