पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

पार्षद एवं भाजपा जिला महामंत्री राजेश यादव, देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष बनाए गए हैं और सिर्फ अध्यक्ष ही नहीं बनाए गए हैं, अपितु उन्हें केबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त हुआ है। राजेश यादव ने शहर में आभार रैली निकालकर पदभार ग्रहण किया, रैली और रैली में हुए स्वागत ने शहर को बताया कि देवास भाजपा का बहुत लोकप्रिय युवा नेता हैं राजेश यादव। रैली में भाग लेने वाले मन से रैली में शामिल हुए थे और स्वागत करने वाले स्वप्रेरणा से उत्साहपूर्वक स्वागत कर रहे थे, ऐसा लग रहा था मानो सारा शहर,सारा देवास, राजेश यादव के प्राधिकरण अध्यक्ष बनने की खुशी मना रहा हो। जहां तक राजेश यादव की बात है देवास भाजपा का ऐसा युवा नेता है, जो संगठन में दूर तक पसरा है और अपने साथियों के अधिकारों के लिए लड़ने को तत्पर रहता है, अनेक ऐसे अवसर आए हैं,जब राजेश यादव लड़ा है, झगड़ा है और अपने साथियों को टिकट दिलाकर लाया है, जो साथियों के टिकट के लिए लड़ सकता है,वह अपने टिकट के लिए क्यों नहीं अड़ सकता ? लेकिन राजेश यादव ने अपने लिए कभी नहीं चाहा, पहली निगम परिषद है, जिसमें राजेश यादव भाजपा महामंत्री के साथ साथ पार्षद भी है,शहर ने इस युवा नेता को सत्ता के लिए लालायित कभी नहीं देखा, लेकिन संगठन के प्रति जुनून की हद तक समर्पित देखा है। यदि अपने साथी का एक पैसे का लाभ हो रहा है तो यह युवा नेता अपने निन्यानवे पैसे का नुकसान कर लेगा, ऐसा इसके शुभचिंतकों के बीच कहा जाता है, यही कारण है कि आज की तारीख में समर्थक कार्यकर्ताओं के मामले में राजेश यादव भाजपा का सबसे धनवान नेता माना जाता हैं। राजेश यादव के पदभार ग्रहण समारोह और आभार रैली के शहर भर में चर्चें है, इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि आभार रैली अभूतपूर्व थी, उसमें हुआ राजेश यादव का स्वागत भी अभूतपूर्व था। उल्लेखनीय है भाजपा की ही राजनीति में एक वर्ग पवार राजवंश के खिलाफ वैचारिक मतभेद रखता है और इन मतभेदों को देवास की जनता भी शिद्दत से महसूस करती आई हैं। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि महाराज श्रीमंत तुकोजीराव पवार के देहावसान के बाद पवार राजवंश की राजनीति पर से पकड़ ढीली पड़ी है। राजमाता गायत्री राजे पवार और महाराज श्रीमंत विक्रम राव पवार की राजनीतिक अनुभवहीनता के चलते उनके आसपास ऐसे लोगों को महत्व मिल गया, जो लायक नहीं थे और ये उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाले साबित हुए हैं, विरोधी बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। हालांकि देवास भाजपा में पवार राजघराने के विरोध में एक धारा प्रारंभ से बहती आई है, लेकिन वह महाराज तुकोजीराव पवार के सामने कमजोर थी, क्षीण थी, उनके जाने के बाद वह धारा गहरी हुई है, मजबूत हुई है, नतीजा सामने है राजेश यादव का प्रभावशाली ढंग से उभार। राजेश यादव प्रभावशाली ढंग से देवास की राजनीति में उभर रहे हैं या उभारे जा रहे हैं? विचारणीय प्रश्न है। यह सही है देवास की भाजपा राजनीति पर पिछले तीन-साढ़े तीन दशक से पवार राजघराने का एक छत्र राज रहा है, महाराज तुकोजीराव पवार के जाने के बाद राजमाता गायत्री राजे पवार विधायक बनी, लेकिन वे प्रशासन पर नियंत्रण रखने के लोभ में राजनीति पर नियंत्रण नहीं रख पाई, पार्टी में पवार विरोधी प्रबल हुए हैं। नव नियुक्त प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव बजरंग पुरे से आते हैं और बजरंग पुरे ने देवास भाजपा में हमेशा पवार विरोध का झंडा बुलंद किया है। राजेश यादव को भी पवार राजवंश से मतभेद रखने वाले नेताओं में गिना जाता है,उनका धूम-धड़ाके से प्राधिकरण अध्यक्ष बनना, देवास में कयासों के द्वार खोल गया। अलग-अलग चौपालों पर अलग -अलग कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या राजेश यादव को नए नेतृत्व के रूप में उभारा जा रहा है? क्या आगामी विधानसभा चुनाव में राजेश यादव देवास विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीमंत राजमाता गायत्री राजे पवार के समानांतर दावेदारी पेश करेंगे? राजेश यादव की आभार रैली में किया गया स्वागत एवं उनका प्रभावशाली ढंग से राजनीतिक उभार चुगली कर रहा है कि सांगठनिक स्तर पर पवार राजघराने के सामने एक बड़ी लकीर खींचने की कोशिश की जा रही हैं। शहर में बदलती राजनीतिक परिस्थितियां देवास में करवट लेती राजनीति के मायने बता रही हैं, समझने वाले समझ गए हैं,ना समझे वो अनाड़ी हैं। ***************
