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Friday, April 17, 2026
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धार की राजोद पुलिस, नारकोटिक्स विभाग और खेतों में अवैध तरीके से उगाए जाने वाले गांजे के पौधे बने नगर में चर्चा का विषय

✍️आजाद अग्निहोत्री 9993756976
इन दिनों धार जिले के राजोद पुलिस थाना क्षेत्र में एक चर्चा खूब चल रही है, वो है गाँजे की फसल को लेकर। हालांकि ये अवैधानिक कार्य है, पता नही लोगो मे कानून का डर खत्म हो गया या कानून के रखवाले खुद इसमे ढिलाई देने लगे हों, जिससे लोगो मे गाँजे को उगाने में आसानी लग रही हो। क्षेत्र में इन दिनों गांजे के पौधों को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे है पर जवाब राजोद पुलिस के पास भी नही है। इसका कारण है नारकोटिक्स विभाग, आजकल गाँजे की फसल कहां हो रही है, किस के खेत मे हो रही है इस की सीधी खबर धार में जिला स्तर पर बैठे नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों को तो है परंतु राजोद पुलिस को नहीं, यहां की पुलिस इतनी भोली है कि उसके खुफ़िया तंत्र की नजरें भी उन गाँजे के पौधों को नही खोज पाती है। ऐसा ही मामला हाल ही में राजोद थाने के शंकरपुरा में नारकोटिक्स विभाग ने एक किसान के खेत मे छापामार कार्रवाई कर तकरीबन 1400 गाँजे के पौधे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। ये सूचना पत्रकारों से बखूबी छिपाई गयी, राजोद के पत्रकारों ने सच्चाई जानने के लिए राजोद टीआई से भी आज चर्चा की, उनका तर्क था कि ये नारकोटिक्स विभाग का काम था, इस पर पत्रकारों ने पूछा कि गांजे के पौधों के मामले में प्रेस नोट क्यो नही दिया जा रहा है, जवाब आया कि इसमें प्रेस नोट नही दिया जाता, क्योंकि कार्रवाई गोपनीय होती है। बस यही से नारकोटिक्स और राजोद पुलिस के तर्कों से पत्रकारगण इतेफाक नही रखते है। राजोद टीआई से पत्रकारों की जो चर्चा हुई उसके बाद जो सवाल बनते है उनके अनुसार सार्वजनिक स्थान से गाँजे के पौधे जप्त किये तो ये कार्रवाई गोपनीय कैसे हुई…?, आपराधिक थाना क्षेत्र राजोद तो, प्रकरण कहा बना और कायमी किस थाने में दर्ज हुई…?,
अगर नारकोटिक्स विभाग इसे गोपनीय रखना चाहता है तो राजोद पुलिस को क्यो बुलाया…?, आरोपी की गिरफ्तारी किस जगह से हुई, न्यायालय से एक दिन की रिमांड ही क्यो मांगी गई..? क्या कोई रसूखदार भी इसमे शामिल है, जिसे बचाया जा रहा है..?, सबसे बड़ा सवाल कि आपराधिक प्रकरण कब से गोपनीय होने लगे, ये समझ से बाहर है। या पुलिस और नारकोटिक्स विभाग अपनी सुविधानुसार नियमों को बनाती या बिगाड़ती है, फिर क्या राजोद पुलिस को सब मालूम है, लेकिन बताने से परहेज करती है? इसे कई प्रश्न चर्चा का विषय बने हुए हैं जिन्हे जनता अपने अपने तथ्य व तरीके से चर्चाओं में जानने का प्रयास कर रही है।

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