✍️पवन वीर, राजोद 9993688124
राजोद ~ पुलिस थाना क्षेत्र राजोद अंतर्गत गत दिवस जिला नारकोटिक्स विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर एक खेत में उगाए जारहे गांजे के पौधों को जप्त करने की खबर है। बताया जाता है कि राजोद पुलिस की नाक के निचे गांजे की फसल हो रही हो और यहाँ के पुलिस अधिकारी व स्टाफ को मालूम न हो ऐसा,भूतों न भविष्यति। वही दूर बैठे नारकोटिक्स विभाग की टीम दबे पांव आती है, जहाँ खेत मे गांजे के पौधे उग रहे हो वहाँ जाकर नारकोटिक्स की टीम अपनी सुरक्षा बंदोबस्त के लिए राजोद पुलिस को खबर करती है। राजोद पुलिस वहां पहुँचती भी है। गांजे के पौधे जप्त कर गाड़ी भरकर जिले के लिए रवाना होजाती है। लेकिन राजोद पुलिस पत्रकारों से मामले को छुपाते हुए बताती है कि ये मामला नारकोटिक्स का है, हम तो सिर्फ सुरक्षा में थे। वही दूसरी और जब नारकोटिक्स विभाग से मोबाइल पर बात होती है ,जिम्मेदार अधिकारी बहाने बाजी करते हुए प्रेस नोट जारी करने की बात कह ,मामले को दबाने का प्रयास करते है। सूत्रों का कहना है कि राजोद पुलिस ओर नारकोटिक्स विभाग के जाल में तगड़ी मछली फंसी है। जिसे ऊपरी तौर पर हजम करने की नीयत से मामले को ठंडा किया जा रहा है। बेचारी राजोद पुलिस से न निगलते बन रही है न उगलते,क्योंकि क्षेत्र राजोद पुलिस का,जिले के कप्तान को कैसे बताए कि साहब हम ही सोए थे,वो तो नारकोटिक्स विभाग ने जगाया,उधर नारकोटिक्स विभाग खुद की पीठ थपथपाने में लगा है कि देखो हम तो जिले में थे उसके बाजूद राजोद पुलिस के जबड़े से हम इतना बड़ा मामला उजागर कर आये। इस घटना को चार दिन ऊपर होगये है, मगर राजोद पुलिस सड़क पर खड़ी रहकर मजलुमो के वाहन चेकिंग नाम सरकारी खजाना भरने का दायित्व निभा रही है। इतना तो तय है कि गाँजे के पौधों को लेकर की गई कार्रवाई को ले देकर जिला अधिकारियों की आंख में धूल झोख कर मामले को निपटाने की पूरी तैयारी है।
