पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

24 से 28 फरवरी तक बैंकाक, थाईलैंड में होने वाली 7 वीं जु-जित्सु प्रतियोगिता के लिए मध्यप्रदेश देवास के तीन प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिसमें कुमारी रोहिणी कलम, वैदेही शर्मा और अजय कुंभकार है तथा इनके कोच विजयेन्द्र खरसोदिया (ANI) है, जो मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ के अध्यक्ष भी हैं। चयनित खिलाड़ी कुमारी रोहिणी कलम भी संघ की पदाधिकारी हैं तथा देवास विधायक श्रीमंत राजमाता गायत्री राजे पवार संघ की संरक्षक है। जु-जित्सु खेल को हाल ही में खेल मंत्रालय भारत सरकार से मान्यता प्राप्त हुई है और यह खेल वर्ल्ड गेम्स, वर्ल्ड काम्बेट गेम्स, वर्ल्ड पुलिस गेम्स, वर्ल्ड युनिवर्सिटी गेम्स, जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक खेल आयोजनों का भी हिस्सा हैं, यह खेल भारत सरकार द्वारा पंजीकृत खेल हैं। मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ के अध्यक्ष विजयेन्द्र खरसोदिया, जो चयनित खिलाड़ियों के कोच भी है का कहना है कि यह खेल, खेल मंत्रालय भारत सरकार से हाल ही में पंजीकृत हुआ है, इसलिए इस खेल के लिए फंड का प्रावधान नहीं हुआ है और चयनित खिलाड़ी थाईलैंड जाने का खर्च नहीं वहन कर सकते। प्रत्येक खिलाड़ी पर 85,000/- रूपए खर्च आना है और कोच सहित इन खिलाड़ियों को 3,40,000/- रुपए की आवश्यकता है। धन जुटाने के लिए इस प्रकार का निवेदन पर्चा मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ के अध्यक्ष एवं चयनित खिलाड़ियों के कोच विजयेन्द्र खरसोदिया ने जारी किया है। एक निवेदन पर्चा चर्चाओं के साथ बेबाक आजाद न्यूज पोर्टल के पास भी पहुंचा है। चर्चा है कि जिस खेल संघ की संरक्षक विधायक राजमाता हो, उस संघ के अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से आर्थिक सहायता मांगने की क्या आवश्यकता? अध्यक्ष एवं खिलाड़ियों के कोच को सार्वजनिक रूप से सहायता की गुहार लगाने की बजाय, सीधे सीधे मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ की संरक्षक राजमाता से निवेदन करना था, वे किसी से भी कह देती खिलाड़ियों को सहायता मिल जाती, नगर के सारे ही धनपति तो राज परिवार की गणेश परिक्रमा करते हैं और विधायक राजमाता किसी से कहती नहीं तो स्वयं अरबों की सम्पत्ति की मालकिन है, उनके लिए तीन लाख चालीस हजार रुपए क्या मायने रखते हैं, जब बात नगर के खिलाड़ियों को विदेशी धरती पर प्रतिभा प्रदर्शन की हो? चर्चाओं में सवाल खड़ा हो रहा है कि मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ के अध्यक्ष विजयेन्द्र खरसोदिया ने क्या संघ की संरक्षक विधायक राजमाता श्रीमंत से निवेदन किया था? या फिर बिना निवेदन किए ही सहायता के लिए निवेदन पर्चा जारी कर दिया? यह प्रसन्नता की बात है कि देवास की खेल प्रतिभाओं का बैंकाक थाईलैंड में होने वाली प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ, लेकिन यह तो सारे शहर के लिए शर्म की बात है कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाना पड़ रही है। पर्चे को लेकर होने वाली चर्चाओं में मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ नामक खेल संस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इस राशि में मध्यप्रदेश जु-जित्सु संघ की भागीदारी कितनी रहेगी या फिर सारी सहायता राशि सार्वजनिक रूप से ही जुटाई जाना है? यदि संस्था के पास धन ही नहीं है तो इस संस्था का संचालन कैसे होता है? इस प्रकार की चर्चाओं में चयनित खिलाड़ियों के प्रति एक सहानुभूति है कि इन बच्चों ने होने वाली प्रतियोगिता में भाग अवश्य लेना चाहिए, क्योंकि ये बच्चे विदेशी धरती पर उपलब्धि हासिल करते हैं तो नाम देवास का ही रौशन होगा। यदि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सहायता मांगना पड़ रही है तो कहना होगा कि देवास के जिम्मेदार प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के मामले में गंभीर नहीं हैं। चूंकि संरक्षक के रूप में श्रीमंत राजमाता का नाम है, इसलिए इस पर्चे को लेकर ज्यादा चर्चा हो रही है और कहा जा रहा है कि विधायक श्रीमंत राजमाता ने अपने नाम को लेकर गंभीरता बरतना चाहिए, इस पर्चे से जनता के बीच सवाल खड़ा हुआ है कि जिस संस्था की संरक्षक राजमाता हो, उस संस्था के अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से सहायता मांगने की क्या आवश्यकता? राजमाता अपने क्षेत्र के बच्चों के लिए वैसे ही गंभीर है, समर्पित है। **************
