✍️ऋतिक पंवार सरदारपुर
धार ! अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के मालवा प्रांत का प्रथम अधिवेशन दिनांक 17 जून को रतलाम में संपन्न हुआ। विस्तृत जानकारी देते हुए अधिवक्ता परिषद के जिला महामंत्री लोकेश राजपुरोहित ने बताया कि अधिवेशन के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त न्यायमुर्ति वीडी ज्ञानी साहब थे, जिन्होंने प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था पर विषय रखा। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जय: की प्राचीन श्रुति, स्मृति आधारित न्याय व्यवस्था पर विचार व्यक्त करते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था को सर्वश्रेष्ठ बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति वीके शुक्ला जी ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन और वेद मंत्रो के गान से हुआ। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में श्री उमेश यादव को पुनः प्रांत अध्यक्ष तथा श्री वाल्मिक सकरगाये को प्रांत महामंत्री नियुक्त किये जाने की घोषणा की गई।
अधिवेशन में मालवा प्रांत के प्रत्येक जिले से 700 से अधिक अधिवक्ताओं ने भाग लिया। धार जिले से अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष उदय वडनेरकर, महामंत्री लोकेश राजपुरोहित, संरक्षक सुरेश राजपुरोहित, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष लीलाधर दांडक, जिला मंत्री अश्विन जोशी, गिलबर्ट जी, गिरवर सिंह, प्रद्युम्न पाठक, महेश पांडर, अभिनव त्रिवेदी, हर्ष जाट आदि, बदनावर अभिभाषक संघ से नरेंद्र जाट,राजन सिंह देवड़ा,अशोक पाटीदार,जितेंद्र सिंह सोलंकी, तरुण शर्मा आदि मनावर अभिभाषक संघ से राकेश गोयल, सरदारपुर से दीपेश गर्ग आदि अनेक अभिभाषक गण सम्मिलित हुए थे। दो सत्रों में आयोजित इस अधिवेशन में अधिवक्ता परिषद के आगामी वर्ष की कार्य योजना पर भी विचार किया गया।
