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Saturday, November 7, 2026
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आओ हम बदलाव करें, सब एक दूजे के घाव भरे ।

✍️पंडित प्रदीप मोदी

आओ हम बदलाव करें,
सब एक दूजे के घाव भरे ।
सत्ता मद में मदमस्त हुए जो,
उनको टा-टा बाय-बाय कहें।
हालत नगर की देख रहे हो,
कब से सबकुछ भोग रहे हो।
नगर वासियों अब जाग उठो,
इतना हो गया क्या सोच रहे हो।
भ्रष्टाचार भरा ये करें विकास
पग-पग छला गया जनविश्वास ।
इस बार बना ले मन अपना,
मदमस्तों को करा दे अहसास।
चेहरे मोहरों में बदलाव करें
आत्ममुग्धों से सवाल करें।
आओ हम हम बदलाव करें
सब एक दूजे के घाव भरे।

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