✍️पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101

देवास जिले के खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। पहली बार आशीष शर्मा गरीब मां का विपन्न बेटा बनकर जनता के बीच चुनाव लड़ने आए थे, आशीष शर्मा के पिता भी इस क्षेत्र से विधायक रहे हैं स्व. गोविन्द शर्मा। गरीब मां के बेटे ने खूब सहानुभूति अर्जित की थी, बहुत से लोग सहयोग का हाथ बढ़ाते हुए आगे आए थे और आशीष शर्मा विधायक बन गए थे। अगले चुनाव में भी आशीष शर्मा आसानी से विधायक बन गए, लेकिन दूसरा कार्यकाल विधायक आशीष शर्मा का विवादास्पद रहा है, उन्हें अलोकप्रिय बनाने वाला साबित हुआ, इसमें विधायक के आसपास बिखरे नकारात्मक व्यक्तित्व के लोग और उनके छोटे भाई रूपेश शर्मा का अभूतपूर्व योगदान रहा है। कहा जा सकता है विधायक से चिपके स्वार्थी लोग एवं अतिउत्साही उनके अनुज रूपेश ने उनकी राजनीति की वाट लगाकर रख दी है। शायद इस बात का अहसास विधायक आशीष शर्मा को भी है, यही कारण है कि खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों विधायक डेमेज कंट्रोल के काम में लगे हुए हैं, मुख्यमंत्री के साथ उड़नखटोले में बैठकर भोपाल जा रहे हैं,भाट और चारण किस्म के मीडियाकर्मी उनके स्तुति गान गा रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री के साथ उड़नखटोले में बैठकर जाने की घटना को विश्लेषित करते हुए बताने की कोशिश कर रहे हैं कि विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ, उनके भाई, उनके चेले चपाटों के खिलाफ जनता कितना ही प्रलाप करले, वे आज भी प्रभावशाली बने हुए हैं। विधायक की बिगड़ी छवि को बनाने वाले मीडियाकर्मी कल्पना के घोड़े दौड़ा कर मुख्यमंत्री, विधायक के बीच उड़नखटोले में क्या बातें हुई होंगी? सोचकर भी विधायक आशीष शर्मा की छवि को श्रृंगारित करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि निष्पक्ष रूप से इस घटना का विश्लेषण किया जाए तो खातेगांव कन्नौद विधायक ने डेमेज हुई छवि को कंट्रोल करने की कोशिश की है, क्योंकि कुछ समय पहले सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें देवास के तमाम भाजपा नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भोजन कर रहे थे और विधायक आशीष शर्मा एक तरफ तिरस्कृत से खड़े थे। इस फोटो के कईं मायने निकाले गए थे, क्षेत्र में यहां तक कहा जाने लगा था कि आशीष शर्मा की राजनीति के दिन पूरे हुए, टिकट कटने वाला है,देख लो, मुख्यमंत्री ने भी आशीष शर्मा को झटक दिया है, देवास के तमाम भाजपा नेता मुख्यमंत्री के साथ टेबल पर भोजन कर रहे हैं और विधायक आशीष शर्मा दूर खड़े टुकुर-टुकुर देख रहे हैं। उस समय क्षेत्र में इस फोटो के कारण बहुत बातें बनाई गई, इस नुकसान की भरपाई करने के लिए विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री के साथ उड़नखटोले में उड़ने का जुगाड़ जमाया है, कैसे? मिन्नतें करके या गिड़गिड़ाकर? ये विधायक आशीष शर्मा जाने। उल्लेखनीय है विधायक आशीष शर्मा के इस दूसरे कार्यकाल में ऐसे कई घटनाक्रम घटित हुए हैं,जो उन्हें विवादास्पद, अहंकारी, प्रशासनिक अधिकारियों का दुरुपयोग करने वाला विधायक बनाते है, बताते है। इसमें आदिवासी परिवार की हत्या,उस परिवार की लाशों का पचास दिन बाद पता चलना, इस मामले में विधायक का संवेदनाओं से परे रहना, इस मामले का राष्ट्रीय स्तर पर उठना, विधायक आशीष शर्मा की राजनीति को एवं छवि को नुकसान पहुंचाने वाला साबित हुआ है, एक युवक का विधायक के भाई पर जहर देकर मरवाने का आरोप लगाना, युवक मरने से पहले कई दिनों से सोशल मीडिया पर विधायक के भाई पर संदेह व्यक्त करते हुए मुखर था, अपने आखिरी समय में भी युवक विधायक के भाई का ही नाम लेता रहा और यह सब जनता के बीच हुआ है। जनहित, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर लोगों को विधायक के आसपास वालों द्वारा वक्रदृष्टि से देखना, ऐसे कई लोग हैं, जो क्षेत्र में अधिकारियों के माध्यम से प्रताड़ित किए गए हैं, प्रभावित किए गए हैं। इन प्रभावित लोगों का विलाप एवं प्रलाप सोशल मीडिया में बिखरा पड़ा है। ऐसे में मीडियाकर्मी विधायक की उधड़ी हुई छवि पर शब्दों से कशीदाकारी करने की कोशिश करते हैं तो हास्यास्पद लगते हैं। इन कशीदाकारी के कारण मीडिया जनता के बीच भाट एवं चारण मंच नजर आ रहा है और सोशल मीडिया जनमंच बनकर आईना दिखाने का काम कर रहा है। जमीनी वास्तविकता को ध्यान में रखकर कहा जाए तो खातेगांव कन्नौद विधायक चाहे मुख्यमंत्री के साथ उड़नखटोले में घूम ले जनता की नजरों में तो वे भाजपा की कमजोर कड़ी है।
