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Saturday, April 18, 2026
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क्या कलेक्टर ने परिवहन कार्यालय पर ध्यान दिया, वहां के भ्रष्टाचार, अव्यवस्था, अनियमितताओं का संज्ञान लिया?

पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

पिछले दिनों आरटीओ कार्यालय (परिवहन कार्यालय) में फैले भ्रष्टाचार, दलाली, अनियमितता, अव्यवस्था और मनमानी की बातें बहुत हुई, एक युवक तो यह कहते हुए कैमरे के सामने नजर आया कि जिला परिवहन कार्यालय में सुभाष जैन नामक दलाल फिटनेस सर्टिफिकेट दिलाने के एक हजार रुपए मांगता है। आरोप लगाने वाला युवक कलेक्टर को शिकायत करने भी गया था,जिसे एसडीएम प्रदीप सोनी ने आरटीओ की शिकायत आरटीओ को ही करने की सलाह दी थी, युवक ने जनसुनवाई में जाने की बात कही थी। जिला परिवहन कार्यालय में एक व्यक्ति परिवार सहित धरने पर बैठा भी सोशल मीडिया पर नुमाया हुआ था। क्या हुआ उन सब का? क्या कलेक्टर ने परिवहन कार्यालय पर ध्यान दिया? यहां फैली अनियमितता, अव्यवस्थाओं का संज्ञान लिया? ढपोरशंख निष्क्रिय कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के बाद देवास आए कलेक्टर ऋषव गुप्ता सक्रिय हैं, संवेदनशील है, इसलिए देवास की जनता उनसे उम्मीद करती हैं। उल्लेखनीय है आरटीओ कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार की इतनी बातें हुई, सत्तारूढ़ पार्टी के जनप्रतिनिधियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी, किसी जनप्रतिनिधि ने परिवहन अधिकारी से सवाल नहीं किया कि ये क्या लगा रखा है? परिवहन कार्यालय में सरकार को बदनाम करने की हरकत क्यों की जा रही हैं? जनप्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार के मामले में देवास की जनता को हमेशा निराश किया है, उन्होंने हमेशा भ्रष्ट निकम्मे अधिकारियों को संरक्षण प्रदान किया है और काम करने वाले अधिकारियों की उपेक्षा की है। यही कारण है कि जब कोई अच्छा अधिकारी देवास आ जाता है तो जिले एवं शहर की जनता उससे ज्यादा उम्मीद लगा लेती हैं और कलेक्टर ऋषव गुप्ता के साथ भी यही हुआ है। देवास की जनता को इस कलेक्टर से बहुत ज्यादा उम्मीद है। विभागीय अधिकारी निकम्मे साबित हो जाते हैं,तब आम नागरिक शिकायत करने कलेक्टर के पास पहुंचते हैं, जो समझदार है, जानकार हैं, वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत करते हैं, अधिकारी उनके सामने शिकायत वापस लेने के लिए गिड़गिड़ाते रहते हैं, लेकिन एक आम नागरिक तो कलेक्टर के पास ही जाएगा और वह युवक भी परिवहन कार्यालय के भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर इसीलिए कलेक्टर के पास पहुंचा था। क्या कलेक्टर ने परिवहन कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार पर संज्ञान लिया? क्या परिवहन अधिकारी से जवाब तलब किया कि ये सुभाष जैन कौन है, जो परिवहन कार्यालय में खुलेआम पैसे मांग रहा है? बिना सुभाष जैन की सहमति के फाइल अधिकारी तक नहीं पहुंचती, परिवहन कार्यालय में सुभाष जैन इतना महत्वपूर्ण क्यों बना हुआ है? बताया जाता है कि परिवहन अधिकारी से मिलने के लिए भी पहले सुभाष जैन से परमिशन लेना पड़ती हैं। वाहन मालिकों की मर्जी से आरटीओ कार्यालय चलने की भी बातें कही जाती हैं, सड़कों पर बिना टैक्स चुकाए वाहन दौड़ने की भी बातें कही जाती हैं और परिवहन अधिकारी ने कार्यालय सुभाष जैन एवं वाहन मालिकों के सुपुर्द कर रखा है। नागरिक क्षेत्रों में कहा जा रहा है कि परिवहन अधिकारी अधिकारों का उपयोग करने में असक्षम, असमर्थ है तो उनका देवास में बने रहने का औचित्य क्या? *************

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