पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)9009597101

इन दिनों देवास की जनता के बीच तेजी से एक प्रश्न दौड़ लगा रहा है कि विकास कार्यों के पोस्टरों पर आजाद भारत के सबसे अधिक प्रतिक्रियावादी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोटो क्यों नहीं है, जबकि सारी भाजपा, भाजपा के सारे नेता, क्षत्रप, छुटभैय्ए सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर ही सत्ता सुख भोग रहे हैं, सत्ता के मजे ले रहे हैं,माल बना रहे हैं? क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ईर्ष्या करते हैं, जलते हैं, खुन्नस रखते हैं, फिर पोस्टरों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का तो फोटो है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नहीं है, क्यों? यह प्रश्न जनता के बीच दौड़ लगा रहा है और जनता कुछ इसी प्रकार के अनुमान लगा रही है,कयास लगा रही हैं। उल्लेखनीय हैं विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सारे शहर में भाजपा शासन में हुए विकास कार्यों के पोस्टर लगे हैं, जिनमें देवास विधायक श्रीमंत राजमाता गायत्री राजे पवार का फोटो है, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो है और विधायक पुत्र देवास नरेश महाराज श्रीमंत विक्रम राव का फोटो है, बाकी पोस्टरों में किसी को स्थान नहीं दिया गया है, जो तेजी से जनता के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है। पोस्टरों में ना सांसद को महत्व दिया गया है,ना प्रभारी मंत्री को महत्व दिया गया है,ना प्रदेश भाजपाध्यक्ष को महत्व दिया गया है और तो और, भाजपा को विश्व प्रसिद्ध बना देने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी महत्व नहीं दिया गया है। देवास की जनता पवार राजवंश के प्रति अगाध श्रद्धा रखती है, इसलिए जनता का मानना है कि विधायक श्रीमंत राजमाता गायत्री राजे पवार ऐसी ग़लती कर ही नहीं सकती कि वे विकास कार्यों के पोस्टरों पर युग पुरुष के रूप में लब्धप्रतिष्ठित होते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोटो ना लगाएं,जरूर प्रधानमंत्री से राजनीतिक ईर्ष्या रखने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें प्रधानमंत्री को नजर अंदाज करके चलने पर विवश किया होगा? स्थानीय भाजपा के ही कुछ गलियारों में जरूर इन पोस्टरों को राजपरिवार के अहंकार के रूप में देखा जा रहा है, राजनीतिक असुरक्षा के भाव के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन जनता के बीच तो यही कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायक राजमाता के माध्यम से देवास में प्रधानमंत्री को नजर अंदाज करते हुए पोस्टर लगवाकर अपनी रणनीति का ऐलान किया है कि उन्हें विधानसभा चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम की आवश्यकता नहीं है, वे भले और उनके विधायक भले। जनता की नब्ज टटोलने निकलो तो यही सार निकल कर सामने आता है कि मुख्यमंत्री शिवराज मुगालते में ना रहे, भाजपा शिखरीय ऊंचाईयों को छू रही है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण छू रही हैं, यदि यूं प्रधानमंत्री मोदी को विकास कार्यों के पोस्टरों में नजर अंदाज किया जाएगा तो भाजपा के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है। *************
