बदनावर जगदीश चौधरी ।
किसानों की पकने आई फसलों को अब घोडारोज नष्ट करने में लगे हुए है ज्ञात हो की किसान ने दिन रात ठंड में सिचाई करके गेंहू और प्याज लहसुन की फसलों को बड़ा किया लेकिन अब जब किसानों की फसल पक कर तैयार होने को है तो सरदारपुर और बदनावर के लगभग हर किसान को घोडारोज बर्बादी की और ले जा रहे है ये घोडारोज अंधगति से खड़ी फसलों में दौड़ रहे है और किसानो की फसल को मटियामेट कर रहे है । जिस पर किसानों के सिर पर चिंता की लकीरें आ रही है किसानो का कहना है कि अभी वर्तमान में फसलों को पूरी तरह पकने में एक, दो माह और लगेंगे और अधिकतम मात्रा में कच्ची फसल की खेती में रालामंडल लेडग़ांव भरावदा सहित खिलेड़ी टकरावदा धामन्दा तथा अन्य गांव में फसलों को ज्यादा समय लगेगा तब तक ये फसलों को काफी मात्रा में नुकसान पहुँचा देंगे लेकिन किसानों की पीड़ा सुनने के लिए कोई जिम्मेदारी निभाने को तैयार नही है।
घोडारोज बन रहे वाहन दुघर्टना के जिम्मेदार-कई क्षेत्रों में घोडारोज के झुण्ड सड़को पर खुले आम दौड़ रहे है जो कि वाहन चालको को मौत के घाट उतार रहे है फिलहाल सरदारपुर के रालामंडल लेडग़ांव और मंगोद कानवन रोड पर गांव खिलेड़ी में रोजड़ों से सड़क दुर्घटना में लोगो को गहरी और मामूली चोट आई है किसी भी प्रकार की जनहानि नही हुई है लेकिन अगर ये झुंड नियंत्रण में नही आये तो किसी बड़ी दुर्घटना को भी अंजाम दे सकते हैं।
क्या कहते है जिम्मेदार घोडारोज की समस्या से निजात पाने के लिए कोई विशेष इंतजाम नही किया जा सकता है क्योंकि ये जंगलों में भी काफी अधिक संख्या में विचरण कर रहे है ये तो कुछ झुंड है जो मार्ग भटक कर जंगल क्षेत्र से कृषि क्षेत्र में आ जाते है जो वापस जंगल के झुंड के लिए तलाश खेतो में दौड़ कर फसल बर्बाद कर रहे है। हा इनके द्वारा की गई नुकसानी के मुआवजे का प्रवधान जरूर है जो राजस्व विभाग के कर्मचारियों के सर्वे के बाद शासन उपलब्ध करवा सकती है। कमलेश मिश्रा डिप्टी रेंजर सरदारपुर
