✍️पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101
यह चुनावी समय है और चुनाव लड़ने का अभिलाषी प्रत्येक नेता अपने आपको जनता के सामने एवं अपनी पार्टी के सामने प्रभावशाली ढंग से रखने की कोशिश कर रहा है, जद्दोजहद कर रहा है। बात करें देवास की तो सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा यहां तीन दशक से काबिज है, पहले अपराजेय स्वर्गीय महाराज श्रीमंत तुकोजीराव पवार और अब उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमंत राजमाता गायत्रीराजे पवार यहां से विधायक हैं। भाजपा निश्चिंत है कि अभी देवास में जनता के पास श्रीमंत राजमाता का कोई विकल्प नहीं है,दूसरी तरफ कांग्रेस है, जो हर चुनाव में राजघराने के खिलाफ अलग-अलग नेता आजमाती है और उन्हें हरल्लों की जमात में शामिल करती चली जाती हैं। देवास मुख्यालय पर कांग्रेस के पास हरल्लों की लंबी फेहरिस्त है,अब तो ये हाल है कि कांग्रेसी, राजघराने के खिलाफ चुनाव लड़ने से भी घबराते हैं,यह सोचकर कि कौन चुनाव हारकर हरल्लों की जमात में शामिल हो और यह सब स्वर्गीय महाराज श्रीमंत तुकोजीराव पवार के “व्यवहार प्रताप” का फल है। बावजूद देखने में आ रहा है कि कांग्रेस के दो युवा नेता चुनाव लड़ने की अभिलाषा लेकर देवास के सामने अपने आपको लंबे समय से प्रस्तुत कर रहे हैं, प्रवेश अग्रवाल और प्रदीप चौधरी। देवास को परभोगी कहा जाता है, भाजपा के पास राजघराना है और राजघराने के प्रति देवास की जनता श्रद्धानवत है, यही कारण है कि भाजपा की ओर से कोई भी बाहरी नेता देवास में राजनीति करने का साहस एवं प्रयास नहीं कर पाया। भाजपा में एक बार ऐसा हुआ है,जब पूर्व सांसद स्वर्गीय फूलचंद वर्मा को माध्यम बनाकर इंदौर के भाजपा नेता स्वर्गीय विष्णु प्रसाद शुक्ला ने देवास में राजनीतिक मजमा जमाने की कोशिश की थी, लेकिन महाराज श्रीमंत तुकोजीराव पवार के आभामंडल के आगे उनकी कोशिश दम तोड़ गई थी,तब से भाजपा के किसी बाहरी नेता ने देवास पर ध्यान देने की हिम्मत नहीं की है। इधर कांग्रेस के पास ऐसा कोई नेता ही नहीं बचा, जो मजबूत राजघराने से किला लड़ा सके, इस बार दो युवा नेता चुनाव लड़ने की मंशा लेकर देवास की जनता के बीच घूम रहे हैं और राजनीति के नाम पर अच्छा-खासा धन भी निवेश कर चुके हैं। किसान से कालोनाइजर बनते प्रदीप चौधरी देवास के है और प्रवेश अग्रवाल इंदौर से आते हैं। देवास की जनता का मानना है कि कांग्रेस प्रदीप चौधरी को टिकट नहीं देगी, इसका कारण बताया जा रहा है कि देवास का राजघराना कांग्रेस में भी उतना ही प्रभावशाली है, जितना भाजपा में, शायद यही कारण है कि कांग्रेस ने प्रदीप चौधरी को संगठन के काम पर लगा दिया है और वे इन दिनों वार्ड-वार्ड परिवर्तन यात्रा निकाल रहे हैं। प्रवेश अग्रवाल का नाम देवास की जनता ने विस्तृत रूप से नगर निगम चुनाव के समय सुना था, लेकिन आज देवास के लिए प्रवेश अग्रवाल का नाम नया नहीं है, जाना-पहचाना है, प्रवेश अग्रवाल नाम देवास के जन-जन में विस्तारित हो चुका है। विजयागंज मंडी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रवेश अग्रवाल का नाम सुनाई देने लगा है और देवास में तो प्रवेश का नाम प्रभावशाली ढंग से प्रवेश कर ही चुका है। अभी तक प्रवेश अग्रवाल इवेंट के रूप में अपने आपको प्रस्तुत कर रहे थे, लेकिन साइंस कालेज के बच्चों के बीच प्रवेश की तत्परता जनता और जमीन से जोड़ने वाली साबित हुई है। हुआ यूं कि देवास में नया कलेक्टर कार्यालय बन रहा है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करते हुए कलेक्टर कार्यालय साइंस कालेज में शिफ्ट कर दिया और साइंस कालेज को शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र में धकेल दिया। इस बदलाव का बच्चों ने विरोध किया था, लेकिन गुंडे-मवालियों को महत्व देने वाले जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा के लिए लालायित बच्चों की परेशानी को महत्व नहीं दिया। हाल ही में परीक्षा वाले दिन पानी गिर जाने से साइंस कालेज का मार्ग चलने लायक नहीं रहा, बच्चे परीक्षा देने कैसे पहुंचे,यह बात प्रवेश अग्रवाल को पता चली तो उन्होंने बच्चों के लिए आवागमन का निःशुल्क साधन उपलब्ध करा दिया। प्रवेश अग्रवाल की यह बात देवास वासियों के दिलों पर दस्तक देने वाली साबित हुई है।
