✍️पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)
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शिवराज सिंह चौहान चुनाव को ध्यान में रखकर नाटक-नौटंकी कर रहे हैं और लोक लुभावन वादे कर रहे हैं, भाषण दे रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि भ्रष्टाचार के पोषक अधिकारी, मुख्यमंत्री को कुछ समझने को ही तैयार नहीं हैं। प्रशासन में अधिकारियों को भ्रष्ट संरक्षक और भ्रष्ट पालक के रूप में देखा जा रहा हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री का जनता को बरगलाते हुए यह कहना कि मैं भ्रष्टों को जेल में डालूंगा, खुद मुख्यमंत्री को हास्यास्पद बनाता है। या तो मुख्यमंत्री शिवराज जनता को बेवकूफ समझ रहे हैं,या फिर अधिकारी उनको? वे खुद विचार करें ना कि वे जनता के बीच दबंगता से कह रहे हैं माफियाओं को जमीन में गाड़ दूंगा, भ्रष्टों को जेल में डाल दूंगा, लेकिन उनकी कही बात पर अधिकारी अमल तो करते ही नहीं, कितने माफियाओं को जमीन में गाड़ा? कितने भ्रष्टों को जेल में डाला? यहां छोटा सा उदाहरण प्रस्तुत है,जिसे हण्डी में से एक चांवल देखने की संज्ञा दी जा सकती हैं ,यह देखने के लिए कि हण्डी का चांवल सीजा (पका) है या नहीं? आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील की ग्राम पंचायत लोहारी निसरपुर विकास खण्ड में आती है और निसरपुर विकास खण्ड के जनपद सीईओ माधवाचार्य हैं। ग्राम पंचायत लोहारी में पंचायत के वर्तमान कार्यकाल के पहले का पंचायत के पास ना कोई रिकॉर्ड है और ना हिसाब-किताब, वर्तमान कार्यकाल के पहले ग्राम पंचायत लोहारी में पंचायत सचिव मंसाराम लिखे और जनपद सीईओ माधवाचार्य बांचे, वाली स्थिति रही है। वर्तमान कार्यकाल को अलग इस लिए कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार से तंग आकर लोहारी की जनता ने इस बार शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी को अपना सरपंच चुना है, जिसने सरपंच बनते ही कह दिया कि मेरे पहले ग्राम पंचायत में जो कुछ भी हुआ उसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं रहूंगा। उल्लेखनीय है पूर्व सरपंच श्रीमती सुंदरबाई डोडवा के कार्यकाल में ग्राम पंचायत लोहारी में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। सरपंच के अशिक्षित होने का जमकर फायदा उठाया गया, भ्रष्ट पंचायत सचिव मंसाराम पाटीदार ने बिना काम किए नेताओं के इशारे पर एक से अधिक बार ठेकेदारों को भुगतान किया है और शर्म की बात यह है कि इन सब भ्रष्टाचार को जनपद सीईओ माधवाचार्य का संरक्षण प्राप्त रहा, समर्थन हासिल रहा। ग्राम पंचायत लोहारी में हुए आर्थिक अपराधों की शिकायत प्रामाणिक दस्तावेजों के साथ की गई है। जनपद सीईओ माधवाचार्य की तो यह हालत है कि वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लाइन पर झूठी भ्रामक जानकारी देकर मुख्यमंत्री का मुंह चिढ़ाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। सांसद निधि से स्ट्रीट लाइट के लिए सोलह लाख रुपए स्वीकृत हुए थे, ताकि लोहारी ग्राम में रोशनी की समस्या का समाधान हो जाए, लेकिन गांव में स्ट्रीट लाइट लगी ही नहीं और ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो भुगतान के लिए लगाए गए प्रपत्रों में कूटरचित दस्तावेज लगे पाए गए, एमपीईबी द्वारा दी गई जानकारी में भी विसंगति है, लेकिन लेवल वन अधिकारी जनपद सीईओ माधवाचार्य मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर जवाब दे रहे हैं कि शिकायत निराधार पाई गई,पता नहीं लेवल वन अधिकारी जनपद सीईओ माधवाचार्य आर्थिक अपराध करने वालों पर,जनधन पर डाके जनी करने वालों पर मेहरबान क्यों है? मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर झूठी जानकारी देना मुख्यमंत्री का मुंह चिढ़ाना है और माधवाचार्य मुख्यमंत्री का मुंह चिढ़ा रहे हैं। भ्रष्ट पालक, भ्रष्ट संरक्षक जनपद सीईओ माधवाचार्य मामलों की जांच के लिए सूचना पत्र जारी कर रहे हैं, शिकायतकर्ता को भी सूचना दे रहे हैं, लेकिन शिकायतकर्ता के कथन नहीं लिए जा रहे हैं,बस टेबल पर बैठकर जांच तैयार कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर जवाब दिए जा रहे है कि शिकायत निराधार पाई गई। एक अन्य शिकायत के संदर्भ में जनपद पंचायत निसरपुर के सीईओ ने 17 फरवरी 2022 को पत्र क्रमांक 10 के माध्यम से तत्कालीन सरपंच सचिव से 1,35,538 रुपए, जो फर्जी तरीके से आहरित किए गए थे, निकाले गए थे, वसूलने के लिए लिखा, लेकिन आज 25 मई 2023 तक भी राशि नहीं वसूली गई है। शिकायतकर्ता की लगभग पांच शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर चौथे लेवल पर पिछले ढाई महीनो से लंबित हैं और हर शिकायत प्रामाणिक दस्तावेजों के साथ लंबित हैं और वे प्रामाणिक दस्तावेज बताते हैं कि ग्राम पंचायत लोहारी में कितनी निर्दयता के साथ जनता के पैसे की बंदरबांट हुई है। ऐसा नहीं है कि ग्राम लोहारी के जिम्मेदार शिकायतकर्ता ने शिकायत को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनपद सीईओ तक ही सीमित रखा है, शिकायतकर्ता ने 27 दिसंबर 2022 को जिला मुख्यालय धार पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में भी आवेदन दिया है, कलेक्टर ने संज्ञान नहीं लिया,20 दिसंबर 2022 को जिला पंचायत सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव को भी शिकायत की, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री,मुख्य सचिव, राज्यपाल को की गई शिकायत, अलग से हैं। अभी तक ग्राम पंचायत में जनधन की लूट पर कहीं भी कोई भी,ना शर्म महसूस करने को तैयार हैं,ना कार्रवाई करने को तैयार हैं, कहने को लोहारी पूर्व जिला भाजपाध्यक्ष का गांव है। देश एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार रहते ग्राम पंचायत लोहारी में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हुआ है और एक भाजपा नेता बोलने को तैयार नहीं। ऐसा लगता है धार जिले के भाजपा नेताओं ने अपने हाथ से अपनी नाक काटकर जेब में रख ली है, उन्हें ग्राम पंचायत लोहारी में जनता के पैसे की हुई बंदरबांट पर शर्म ही नहीं आती। भाजपा के प्रधानमंत्री कह रहे हैं, ना खाऊंगा,ना खाने दूंगा, मुख्यमंत्री कह रहे हैं, भ्रष्टों को जेल में डालूंगा, जबकि धरातल पर कुछ और ही माजरा है। यह तो महज एक पंचायत का उदाहरण है, कमोबेश यह कोड़ सारे मध्यप्रदेश में फैला हुआ है, अधिकारी अपनी मस्ती में मस्त हैं,सब एक दूसरे को बचाने में लगे हुए हैं और मुख्यमंत्री शिवराज कुछ तो भी बोले जा रहे हैं। बात ग्राम पंचायत लोहारी में हुए भ्रष्टाचार की आती है तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, धार जिला प्रशासन के ठेंगे पर नजर आते हैं, जिसने जनपद सीईओ माधवाचार्य को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर झूठी एवं भ्रामक जानकारी देकर मुख्यमंत्री का मुंह चिढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है और वे दबंगता से मुख्यमंत्री का मुंह चिढ़ा रहे हैं।