✍️पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101
देवास जिला घने सागवान जंगलों के लिए ख्यात रहा है, लेकिन नेताओं की कृपा से अब ऐसी स्थिति नहीं है। धन लोलुपता के गुलाम नेता एवं भ्रष्ट अफसरों के गठबंधन ने जिले से जंगल को करीब-करीब साफ कर दिया है और यह क्रम आज भी जारी है। हाल ही में 22/5/2023 को वन परिक्षेत्र पानीगांव के अंतर्गत बैलगाड़ी से सागवान लकड़ी परिवहन करते हुए घनश्याम पिता गंगाराम निवासी बावड़ीखेड़ा को वन विभाग के अमले ने पकड़ा, वन विभाग के अमले द्वारा वैध दस्तावेज की मांग करने पर आरोपी बताने में असमर्थ रहा, अतः वन विभाग ने por. 217 × 22/ 22/5/2023 जब्त सामग्री जलाऊ सागौन फड़ी – 1/2 दर्ज कर जांच में लिया। आरोपी घनश्याम पिता गंगाराम भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है, क्योंकि केस बनाने वाली महिला डिप्टी रेंजर उषा रावत के पास खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा का फोन पहुंच गया और लगभग डिप्टी रेंजर उषा रावत को डपटते हुए कहा कि आप भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशान क्यों कर रही हैं? मैं डीएफओ से बात करूंगा, विधायक के भाई रूपेश ने डीएफओ से बात कर ली कार्रवाई करने वाली डिप्टी रेंजर लाइन हाजिर कर दी गई है। जो सागवान जब्त की है, वे नन्हें तरुण पौधे, वृक्ष बनने की तैयारी कर रहे थे, उन्हें बेरहमी से काट दिया गया, वन अमले ने कार्रवाई की तो विधायक के भाई डीएफओ से कहकर कार्रवाई करने वाली महिला डिप्टी रेंजर को लाईन हाजिर करा रहे हैं। सवाल खड़ा होता है, क्या खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा और उनके भाई रूपेश शर्मा जंगल काटने वालों के संरक्षक बने हुए हैं? क्या दोनों भाइयों के संरक्षण में जिले का सागवान जंगल काटा जा रहा है? रूपेश शर्मा का यह कहना कि भाजपा कार्यकर्ताओं को क्यों परेशान किया जा रहा है? डिप्टी रेंजर या वन अमले ने घनश्याम पिता गंगाराम नामक कथित भाजपा कार्यकर्ता को परेशान नहीं किया है, वह अवैध रूप से बैलगाड़ी में कीमती सागौन परिवहन कर रहा था और वन विभाग के अमले ने वैध दस्तावेज बताने को कहा तो नहीं बता पाया। यदि विधायक के भाई रूपेश शर्मा की बात को सही मान लिया जाए वन अमला भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहा है तो सवाल खड़ा होता है कि क्या खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में विधायक के भाई के संरक्षण में भाजपा कार्यकर्ता जंगल काटने का काम कर रहे हैं? यहां देवास के डीएफओ की योग्यता पर भी दया आती हैं, जो नेताओं की गुलामी करते हुए अपने अधिनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं। डिप्टी रेंजर उषा रावत ने विधायक के भाई को नाराज करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है और डीएफओ ने उन्हें लाईन हाजिर कर दिया है। डीएफओ यदि नेताओं के विवेक से काम करेंगे जिले की वन संपदा की रक्षा कैसे करेंगे? यदि ईमानदारी से कर्तव्य का निर्वाह करने वाले अधिकारी को लाईन हाजिर किया जाएगा तो कौन अधिकारी आगे बढ़कर कार्रवाई करेगा? डीएफओ ने विधायक के भाई के कहने पर कार्रवाई करने वाली डिप्टी रेंजर को लाईन हाजिर कर सारे प्रशासन को शर्मसार करने वाला काम किया है। डिप्टी रेंजर उषा रावत आदिवासी समाज से आती है और विधायक और विधायक के भाई आदिवासी समाज के प्रति उपेक्षा का भाव रखनेवाले साबित हुए हैं, आदिवासियों को भाजपा से दूर ले जाने कारण बने हैं। खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में लगता है विधायक के भाई रूपेश शर्मा अपने भाई की राजनीति का बंटाधार करके ही दम लेंगे।
