✍️बदनावर जगदीश चौधरी ।
सरदारपुर तहसील के गांव गुमानपुरा में श्री देवनारायण भगवान के 1111 वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा हनुमानजी मंदिर से प्रांरभ हुई। यात्रा में महिलाएँ मंगल गीत गाती हुई व बालिकाएँ कलश सिर पर लिए चल रहे थे। ढोल धमाकों के साथ साथ कलश यात्रा में धर्म पताका लिए चल रहे थे। गांव गुमानपुरा के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई भगवान श्री देवनारायणजी के मंदिर कथा स्थल पर कलश यात्रा पहुंची। कथा स्थल पर पं. राहुल शास्त्री ने भागवत पुराण की पूजा अर्चना की और पूजन के बाद कलश स्थापना की गई। कलश यात्रा में मन्दिर के पुजारी कथा आचार्य श्री गोपाल जी महाराज सहित सर्व समाज के लोग बच्चे एवं महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान पहले दिन कथा स्थल पर आचार्य श्री गोपाल जी महाराज के मुर्खाबिंद से कथा मे सुनाया की भगवान श्री देवनारायण का अवतरण केसे हुआ और किस वंश मे हुआ। अजमेर पुष्कर के बीच मे एक पहाड़ है,उस पहाड़ पर गायरी गुर्जर के वंश का किला स्थापित है, उस वंश मे 1700वर्ष पहले एक राजा थे। माणकराव के पुत्र काजलराव के पुत्र माडंलराव के पुत्र जेरामराव के पुत्र हरिरामराव के पुत्र बागराव के पुत्र हुए सवाई भोज महाराज सवाई भोज की धर्मपत्नी संतवति माता साडु के गोद भगवान नारायण पधारे उक्त कथा का विवरण पहले दिन सुनाया गया। वही शाम चार बजे महाआरती उतारकर महाप्रसादी वितरण किया गया।
