✍️जगदीश चौधरी बदनावर
बदनावर जनपद की खिलेड़ी ग्राम पंचायत में पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से पीएचई के उदासीन ठेकेदार खिलेड़ी गांव की नल जल योजना को झाड़ू मार कर पलीता लगाने पर तुले है ज्ञात हो कि खिलेड़ी में ग्रामीणों के बीच टँकी से पानी सप्लाय होने की खबर को लेकर काफी उत्साह था यह उत्साह अब ठेकेदार के घटिया कार्य के चलते खत्म होते जा रहा है क्योंकि ग्राम खिलेड़ी में पीएचई के इंजीनियर की उदासीनता के चलते ठेकेदार ने पानी सप्लाई की लाइन कई जगहों पर आधी अधूरी ही बिछाई है जिस पर ग्रामीण के मन में शासन प्रशासन के प्रति घृणा की भावना जागृत हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
खिलेड़ी के ग्रामीणों को नल जल योजना के तहत गाँव में आई 50 लाख से अधिक रूपये की स्वीकृति को लेकर लोग काफी खुश थे उनके यहाँ पानी के आने की संभावना शत प्रतिशत पूरी होने को थी। लेकिन स्वीकृत पेसो का कुछ ही हिस्सा लगा कर पीएचई के ठेकेदार ने ग्रामीणों को ठेंगा दिखा दिया तथा कथित ठेकेदार ने कई वार्ड में पानी की पाइप लाइन भी नही बिछाई और पूरा पैसा रफा दफा कर दिया। और गांव के बचे हिस्से में पाइप लाइन आज भी नही बिछ पाई है। जिससे ग्रामीण जन सीएम हेल्पलाइन को आखिरी रास्ता मानकर चुनने की सोच रहे हैं।
10 माह बाद आज भी नही हुआ नल फिटिंग का कार्य?
खिलेड़ी निवासी ग्रामीण राधेश्याम चौहान का कहना है जब शुरुआत में नल जल योजना का काम चालू हुआ था तब शुरुआत होने के कुछ दिनों बाद मेरी ठेकेदार से बात हुई थी उन्होंने मुझे आश्वस्त किया था कि आपके यह जल्द ही पानी आ जायेगा इस पर में उनके झुटे वादे में आ गया लेकिन आज करीब 10 माह हो गए है काम पूर्णता की ओर है लेकिन मेरे घर तक आज दिनांक में ना ही पानी के पाइप डाले गए है और ना ही इस ओर कोई ध्यान दे रहा है। ठेकेदार गांव में आता नही है और विभाग के कर्मचारी भी कभी इस कार्य की गुणवत्ता को देखने नही आये है।
पुरानी टँकी को बिना रिपेयर करे भर दिया?
गांव में बनी पुरानी टँकी को विभाग के ठेकेदार ने अपनी धन लालसा को लेकर जल्दी कार्य स्थल को छोड़ कर जाने के चलते पुरानी जीर्ण शीर्ण टँकी में ही पानी भर दिया। जिस पर ग्रामीण काफी नाराज हुए इस पर नाराज ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करने की कोशिश की टूटी फूटी टँकी से बहता पानी देखने वाले प्रत्यक्ष दर्शी में ग्रामीण गणेश पाटीदार, राकेश मोरे तथा अन्य थे जिनके पास टँकी की दीवारों से बहते पानी के साक्ष्य उपलब्ध है।
एसडीओ ने पंचायत के ऊपर फोड़ा ठीकरा?
जब ग्रामीणों की समस्या को लेकर एसडीओ रमाकांत शर्मा से चर्चा की गई उन्हें यह बात याद दिलाई गई कि टँकी अलग से स्वीकृति हुई या नही तो वे पल्ला झाड़ते हुए बोले केवल पाइप लाइन का ही इस्टीमेट तैयार कर कार्य शुरू किया गया था वही अपनी ही बातों में उलझ कर वे ये बोलते दिखे कि टँकी के लिए नया एस्टीमेट बना कर भेज दिया गया है। इस दौरान वे अपना गुस्सा पंचायत पर निकालते हुए बोले कि पंचायत ने टँकी पर पलस्तर नही करवाया है अगर ज्यादा दरारे आ गई है तो अब हम ही वाटर प्रूफिंग करवा देंगे।
क्या कहते है ग्रामीण?
वाटर प्रूफिंग कोई भी करवाता इससे कोई मतलब नही लेकिन समय के पहले करवा देते तो इस तरह का भृष्टाचार उजागर नही होता। इस टँकी के लीकेज के भरोसे हम पानी पूर्ति को लेकर विश्वास में नही रह सकते हमे तो नई टँकी की सौगात जल्द से जल्द चाहिए।
राधेश्याम चौहान ग्रामीण खिलेड़ी
