✍️बेबाक आजाद, राजोद
राजोद के समीप ग्राम झिंझोटा में चल रहे श्री शिवमहापुराण एवं श्री शिव पार्थिव पूजन अनुष्ठान का आज सप्तम दिवस पर पूरे विधिविधान से समापन हुआ। विगत सात दिवस में ग्राम की सभी मातृ शक्तियों ने पार्थिव शिवलिंग के पूजन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। कुल सोलह हजार तीन सौ एक पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण विधिवत पूजन अर्चन एवं विसर्जन किया गया। डॉ पं राजेंद्र किशोर उपाध्याय ने श्री शिवमहापुराण के समापन के पश्चात श्रीमद् भागवत गीता के सार एवं महत्व को प्रतिपादित किया। सात दिनों में महापुराण की सात संहिताओं के आधार पर डॉ पं उपाध्याय ने प्रत्येक व्यक्ति को जीवन संतुलन हेतु सात सूत्र बताए जिसमें उन्होंने कहा कि अहंकार रहित जीवन, दृढ़ संकल्प, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, आशीर्वाद, संगठन मनुष्य को एक उत्तम एवं वैभवशाली जीवन निर्माण में सहायक होते हैं। पार्थिव शिवलिंग पूजन श्री पं जगदीश जी उपाध्याय ने संपन्न करवाया। कल 28 जुलाई 2025 सोमवार को झिंझोटा से कोटेश्वर धाम तक जल कलश यात्रा निकाली जाएगी जिसमें सभी ग्रामवासी कोटेश्वर धाम जा कर श्री कोटेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। साम के समय ग्राम झिंझोटा में सभी भक्तों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। उपरोक्त अनुष्ठान में मकनीराम नायमा, समरथ सगीत्रा, प्रकाश सेकवाडिया, रामेश्वर सगीत्रा, पूनमचंद नायमा, नंदराम नायमा, तोलाराम सेकवाडिया, नंदलाल सेकवाडिया आदि कार्यकर्ताओं के साथ समस्त ग्रामवासियों द्वारा तन मन धन से सहयोग दिया जा रहा है।

