पंडित प्रदीप मोदी* (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101

हाल ही में देवास जिले के भाजपा नेता भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले, उनके साथ भोजन किया और भाजपा गलियारों से निकल कर मुख्यमंत्री के साथ भोजन करते फोटो सोशल मीडिया पर धमाचौकड़ी मचा रहे हैं। सोशल मीडिया पर धमाचौकड़ी मचा रहे फोटो, जिनमें देवास जिले के कुछ भाजपा नेता मुख्यमंत्री के साथ भोजन कर रहे हैं, कुछ इधर-उधर बिखरे अपने भाग्य को कोस रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री के साथ भोजन करने का सौभाग्य क्यों नहीं मिला? कुछ तो इतनी दयनीय स्थिति में टकटकी लगाकर देख रहे हैं कि मुख्यमंत्री उन्हें भी कह दें कि कुर्सी खींच लो और बैठ जाओ। ऐसी स्थिति में खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा नजर आ रहे हैं, इन फोटो के निहितार्थ निकाले जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि क्या आशीष शर्मा को संकेत दे दिए गए हैं कि अब आपकी राजनीति को विराम देने का समय आ गया है? सभी भाजपा नेता मुख्यमंत्री के साथ बहुत खुश नजर आ रहे हैं, उनके साथ भोजन कर गौरवान्वित हो रहे हैं, लेकिन जनसमस्याओं को लेकर, किसान समस्याओं को लेकर गंभीरता किसी भी नेता में नजर नहीं आ रही। हाल ही में खराब हुए मौसम के कारण जिले में किसानों का बहुत नुकसान हुआ है, जिले के किसानों का कहना रहा कि जिले के भाजपा नेताओं को जब मुख्यमंत्री से मिलने का इतना अनौपचारिक समय मिला था तो उन्होंने जिले की किसान समस्या से प्रदेश के मुखिया को अवगत क्यों नहीं कराया? और कराया तो फिर इन फोटो के साथ प्रेस नोट जारी कर जिले की जनता एवं किसानों को बताया क्यों नहीं? सोशल मीडिया पर धमाचौकड़ी मचाते फोटो सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों को डराने का काम रहे हैं, अपने समर्थकों से ऐसे फोटो वायरल कराकर मानो भाजपा नेता अधिकारियों को संदेश देना चाहते हो कि बस हमारा ध्यान रखो, हम मुख्यमंत्री से सीधे जुड़े हैं, बाकी जनता, किसान और भाजपा कार्यकर्ताओं को भाड़ में जाने दो। सत्ता के मद में मदमस्त जिले के भाजपा नेताओं ने जनहित की बजाय, पट्ठा हित और स्वहित पर ज्यादा ध्यान दिया है। जिला मुख्यालय पर तो इन फोटो को लेकर ज्यादा चर्चा नहीं है, लेकिन खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में इन फोटो को लेकर काफी चर्चा हैं और विधायक आशीष शर्मा का टिकट कटा हुआ माना जा रहा है। वायरल हुए फोटो में विधायक आशीष शर्मा उपेक्षित नजर आ रहे हैं, जिले के सभी भाजपा नेता मुख्यमंत्री से तवज्जो पा रहे हैं, लेकिन आशीष शर्मा को तवज्जो मिलती नजर नहीं आ रही है, जिले के भाजपा नेताओं का रवैया भी यही नजर आ रहा है कि आशीष शर्मा तुम तुम्हारी जानो। यह सही है कि आशीष शर्मा क्षेत्र की जनता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं, उन्होंने अपने छिछोरे भाई रूपेश को आगे बढ़ाकर अपनी राजनीति का कबाड़ा करा लिया है। रूपेश में गंभीरता का अभाव है तथा स्वार्थी चाटुकारों की भीड़ ने विधायक के छिछोरे भाई को मुगालते में लाकर खड़ा कर दिया, वह जनता के बीच विधायक की तरह व्यवहार करने लगा। विधायक को अपने अधिकार अपने पास रखना चाहिए भाई बंधु को नहीं देना चाहिए और विधायक आशीष शर्मा ने यह गलती की है, जिसका खामियाजा वे भुगतते नजर आ रहे हैं। आदिवासी परिवार की हत्या, पत्रकार को जिला बदर करवाना, लोकप्रिय आदिवासी नेता को जिला बदर करवाना, बिंजवा की मौत, बेतहाशा रेत उत्खनन इन सब बातों ने मिलकर विधायक आशीष शर्मा की राजनीति का तीया-पांचा करके रख दिया है। कुल मिलाकर कहा जाए तो खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा आदिवासियों को भाजपा से दूर करने का कारण बने हैं और भाजपा के मठाधीशों ने भी इस बात को महसूस कर लिया है, शायद यही कारण है कि फोटो में विधायक आशीष शर्मा उपेक्षित नजर आ रहे हैं? देवास के भाजपा नेताओं के साथ मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पर धमाचौकड़ी मचाते फोटो कुछ इसी प्रकार की चुगली करते नजर आ रहे हैं।
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