पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

20 अक्टूबर 2022 को कन्नौद के प्रखर पत्रकार चंचल भारतीय से वाट्सएप चैट करते हुए खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा ने लिखा था कि विनोद तापड़िया, महेश भीचर, माया शिव पटेल, दिनेश यादव और ऐसे 41 लोग सन् 2016 से हमारा बूरा कर रहे हैं, लेकिन हमने इनका बूरा नहीं किया, जानते हो क्यों? क्योंकि इन 41 लोगों का जल छोड़ चुका हूं, मैं यह समझता ही नहीं कि ये दुनिया में है, अर्थात विधायक के भाई रूपेश ने क्षेत्र के 41 प्रतिष्ठित लोगों को मरा हुआ मान लिया है। आगे रूपेश लिखता है मेरे ऊपर राजनीतिक षड़यंत्र के इतने गहरे आरोप लगाए, लेकिन मैं तनिक भी विचलित नहीं हुआ, जानते हो क्यों? क्योंकि मैं सदैव धर्म, सत्य, नीति, और न्याय के मार्ग पर चलता हूं। राजनीति में सबका साथ चाहिए होता है, लेकिन मैं बुरे लोगों का साथ नहीं दे पाता हूं। 9 साल में कोई कमाई नहीं की, आदि आदि। इस चैट में विधायक के भाई ने चंचल भारतीय को जगह-जगह चंचु संबोधित किया है, जो उनकी छिछोरपंथी को दर्शाता है। चंचल भारतीय को कन्नौद से जिला बदर कराया जा चुका है और इस समय यह प्रखर पत्रकार विधायक की राजनीति को बिखेर देने पर आमादा हैं तथा विधायक के भाई की वाट्सएप चैट उसी का परिणाम है। इस चैट में रूपेश ने अपने मुंह मियां मिट्ठू बनते हुए, अपनी खुद की प्रशंसा की है। रूपेश को इतनी भी अक्ल नहीं कि राजनीति में खुद की प्रशंसा खुद नहीं की जाती, अपितु दूसरों ने करना चाहिए तो राजनीति को सफल माना जाता है। विधायक के भाई की इस वाट्सएप चैट से उनका सत्ता जनित अहंकार झलकता है तथा कईं ज्वलंत सवाल खड़े होते हैं। चैट में कहा गया कि 41 लोगों के नाम का पानी छोड़कर, उन्हें मरा हुआ मान लिया तो विधायक आशीष शर्मा को आगे आकर जनता को बताना चाहिए कि उनका भाई क्षेत्र के 41 प्रतिष्ठित लोगों को मरा हुआ क्यों मान रहा है? इन लोगों ने उनका ऐसा क्या बुरा कर दिया कि उनका भाई इनके खिलाफ इतने आक्रोश से भरा हुआ है? रूपेश ने कहा कि ये 41 लोग 2016 से बुरा कर रहे हैं तो जनता को पता तो चले कि ये 41 लोग उनके विधायक का क्या बुरा करते रहे हैं? अब यदि विधायक के भाई ने 41 लोगों को मरा हुआ माना है तो ये क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग ही होंगे, क्योंकि सामान्य लोगों से तो विधायक का भाई नाराज होगा नहीं। इनमें से विनोद तापड़िया, महेश भीचर, माया शिव पटेल, दिनेश यादव के नाम का उल्लेख तो किया है, बाकी के लोग कौन हैं? जनता को पता तो चले। रूपेश ने कहा है ये बुरा करते रहे, लेकिन हमने इनका बुरा नहीं किया, क्या इन लोगों ने कुछ गलत किया है? जब इन लोगों ने कुछ गलत किया ही नहीं तो विधायक और उनका भाई इनका क्या बुरा कर सकते थे? एक जगह रूपेश ने कहा मुझ पर राजनीतिक षड़यंत्र के इतने गहरे आरोप लगाए, लेकिन मैं विचलित नहीं हुआ, जब थाने पर शिव मूरत यादव जैसा प्रभारी टीआई तैनात हो तो विधायक के भाई को विचलित होने की क्या आवश्यकता? देखा जाए तो खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा ने अपने भाई को बहुत छूट दे दी है और उसने विधायक की राजनीति का कबाड़ा करके रख दिया। क्षेत्र के सज्जन पुरुष विनोद तापड़िया का तो बहुत बुरा करने की कोशिश की, लेकिन उनके खिलाफ कुछ गलत मिला ही नहीं। दिनेश यादव ने अवैध रेत के ट्रक रोक दिए थे तो उन्हें जेल जाना पड़ा। रूपेश कहता है कोई कमाई नहीं की तो ये रेत अवैध उत्खनन करने वाले लोग कौन हैं? विधायक और उनके भाई ईमानदार है तो उन्होंने अवैध रेत उत्खनन करने वालों का कभी विरोध क्यों नहीं किया? विधायक आशीष शर्मा को समझना चाहिए कि क्षेत्र के प्रतिष्ठित 41 लोगों को उनके भाई ने मरा हुआ मान लिया है, लेकिन ये जिंदा है और सब एक हैं, जिनका नारा है, किसी को भी टिकट दो, आशीष शर्मा को टिकट मत दो। भाई की नजरों में मरे हुए 41 लोग विधायक आशीष शर्मा को बहुत भारी पड़ने वाले हैं। ***************
