पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

अपने ही गुटबाज नेताओं द्वारा कमजोर कर दी गई कांग्रेस को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मजबूती प्रदान करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में मात्र टीशर्ट में पांव-पांव देश नाप रहे हैं। इसमें कोई दो मत की बात नहीं कि राहुल गांधी शुद्ध रूप से वेंटीलेटर पर जा पहुंची कमजोर कांग्रेस को खड़ी करने का प्रयास कर रहे हैं और इस भारत जोड़ो यात्रा की आड़ में गुटबाजी से पीड़ित राजनीतिक दृष्टि से टीबी के मरीज हो चुके प्रादेशिक कांग्रेस नेता अपनी सेहत बनाने का जतन कर रहे हैं। यह यात्रा कांग्रेस को मजबूत करे या ना करे, लेकिन पप्पू करार दिए गए राहुल गांधी को अनुभव से परिपक्व कर जाएगी, ऐसा आम आदमी और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है। शीर्ष राजनीति करने वाले नेता के लिए जरूरी है कि वह देश की भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से निकट से परिचित हो। राहुल की भारत जोड़ो पांव-पांव यात्रा से कांग्रेस को कितना लाभ हुआ, पता नहीं, लेकिन राहुल को लाभ हुआ है तथा इसका अनुभव निकट भविष्य में विरोधी भी महसूस करेंगे। कांग्रेस के अधिकांशतः नेताओं की राजनीति का आधार गांधी परिवार की चापलूसी रही हैं, लेकिन कांग्रेस में कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो बिरले है, राजनीति के चितेरे है और कमजोर कांग्रेस में मजबूत है।
मध्यप्रदेश में ऐसे ही नेता हैं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जो अपनी बोल वचन चतुरता से मजबूत बने हुए हैं। दिग्विजय सिंह अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं और विरोधियों को और अपनी पार्टी के नेताओं को तिलमिलाने पर बाध्य कर देते हैं। एक बार फिर दिग्विजय सिंह ने उन प्रश्नों को उछाला है, जो जनमानस के बीच अनुत्तरित बने हुए हैं तथा कोई इनके जवाब भी नहीं देना चाहता, दिग्विजय सिंह ने उन प्रश्नों का सहारा लेकर कमजोर कांग्रेस में खुद को मजबूत नेता बताने की एकल कोशिश की है। हालांकि राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह के बयान से किनारा कर लिया है, क्योंकि राहुल को समझ में आ गया है कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता, धर्म का पड़ाव सफलतापूर्वक पार कर देश पर केंद्रित हो गए हैं और देश को लेकर, देश की सुरक्षा को लेकर किए गए सवालों पर ध्यान देना अपनी फजीहत कराना है, लेकिन दिग्विजय सिंह अलग मिट्टी के बने हुए हैं, उन्होंने सारी कांग्रेस को संदेश दे दिया कि उनमें सत्ता की आंख में आंख डालकर सवाल करने का साहस है। इस समय सारी भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमलावर हैं, जो प्रमाणित करता है कि दिग्विजय सिंह ने अनुत्तरित प्रश्न उछालकर भाजपा की दुखती नस पर हाथ रख दिया है। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह कार्यकर्ता के मामले में सबसे अमीर कांग्रेस नेता हैं, दस साल मुख्यमंत्री रहते हुए दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ता कमाएं हैं, जो प्रदेशभर में फेले है, मध्यप्रदेश में कार्यकर्ताओं के मामले में दिग्विजय सिंह से अमीर दूसरा कोई नेता नहीं। दिग्विजय सिंह कांग्रेस में कम और भाजपा में ज्यादा फेले है, यह दिग्विजयसिंह की राजनीतिक खासियत है कि उनका थाह विरोधी भी नहीं पा सकते।
कभी कभी तो ऐसा लगता है, मानो दिग्विजय सिंह कांग्रेस में रहकर भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में दिग्विजय सिंह द्वारा उठाए गए सवालों ने कांग्रेस भाजपा दोनों को समान रूप से असहज किया है। दिग्विजय के बयान से राहुल गांधी का कतराना और भाजपा का दिग्विजय पर हमलावर हो जाना, चुगली कर रहा है कि वे अपने आपको मजबूत नेता बताने में सफल हुए हैं। **********
