✍️पवन वीर राजोद 9993688124
राजोद / इंसान जब अहंकार करता है समझ लेना उसके सारे पुण्यों का क्षीण होने का समय करीब आ गया है। जो बच्चे ज्यादा पढ़ लिख कर अपनी संस्कृति ओर संस्कार को भूल रहे है वे समाज से दूर होते जा रहे है। वे लोग जो माता पिता का अपमान करते है, वह भगवान की नजरो से भी गिर जाते है। उक्त विचार आथमना वास स्थित धाकड़ समाज द्वारा श्रीकृष्ण मन्दिर पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दौरान पंडित डाक्टर राजेन्द्र किशोरी उपाध्याय ने चौथे दिन सोमवार को व्यक्त किये। पंडितश्री ने विभिन्न कथाओं से आये प्रसंगों को सरल शब्दों में उपस्थित श्रोता श्रद्धालुओ के समक्ष समझाते हुए कहा की श्री हरी ने राजा बली के अहंकार को नष्ट करने के लिए वामन अवतार लिया, राजा बली को शुक्राचार्य द्वारा लाख समझाने के बाजूद वामन द्वारा मांगे गए दान में तीन पग जमीन दान करने के संकल्प को त्याग को कहा लेकिन अंततः बली को अपने पूरे साम्राज्य से हाथ धोना पड़ा। इस लिए गुरु द्वारा कही गयी बातों की अवज्ञा कभी नही करना चाहिए। कथा के दौरान श्री उपाध्याय ने कहा कि सूर्य अपनी रोशनी देते वक्त भेदभाव नही करता ठीक उसी प्रकार से मनुष्यों को भी भेदभाव की प्रवर्ती छोड़ना चाहिए। मनुष्य अपने कर्मो को अगले जन्म में भोगता है, प्रारब्ध से जो मिला है या मिल रहा है, उसमे खुश रहना सीखो, नही तो जिंदगी से मोह भंग हो जाएगा। कथा में आये श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को श्रद्धालुओ ने धूमधाम से मनाया।
