*पंडित प्रदीप मोदी* (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार )*9009597101*

देवास जिले के बागली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले के खिलाफ आवाज उठाकर, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी के बेटे पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने खूब चर्चा बटोरी और क्षेत्रीय विधायक पहाड़ सिंह कन्नौजे को असहज स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। विधायक कन्नौजे इतने असहज हुए कि हास्यास्पद होकर सार्वजनिक रूप से दीपक जोशी हाय-हाय के नारे लगाने लगे, इधर दीपक जोशी के समर्थकों ने विधायक पहाड़ सिंह कन्नौजे का पुतला दहन कर दिया, ये सब भाजपा के ही हैं, जो आमने सामने है और आपस में ही भिड़कर भाजपा की दुर्गति करने पर आमादा हैं। बागली विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे का व्यवहार उनकी योग्यता का बखान करते हुए चुगली कर गया कि ये भाजपा की लोकप्रियता के घोड़े पर सवार होकर प्रदेश के संवैधानिक सदन विधानसभा में पहुंच गए, अन्यथा इनमें विधानसभा में बैठने वाली कोई गंभीरता नहीं है, योग्यता नहीं है। इस सारे मामले में पूर्व मंत्री दीपक जोशी को अपना राजनीतिक धरातल तलाशते हुए देखा जा सकता है, ऐसा लगता है कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर दीपक जोशी ने ठान ली हो कि खेलेंगे नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे, दीपक जोशी देवास जिले में तीन विधायक और तीन विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित करते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे होने के कारण दीपक जोशी स्वाभाविक रूप से भाजपा के बड़े नेता हैं एवं पितृ कृपा से पूर्व मंत्री होकर वे और भी बड़े नेता हो जाते हैं। अपने बड़े नेता होने के प्रभाव में पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने देवास जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित कर रखा है। यह सही है कि बदलती भाजपा में दीपक जोशी उम्र के हिसाब से अप्रासंगिक हो गए हैं, बावजूद वे इस कोशिश में है कि आगामी चुनाव में किसी विधानसभा क्षेत्र से मौका मिल जाए, जो कुछ भी थोड़ी बहुत उम्मीद है,वह इस आगामी चुनाव में ही है, वरना इस चुनाव के बाद दीपक जोशी की इतनी उम्र नहीं रह जाएगी कि युवाओं से सुसज्जित भाजपा में उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिले। यही कारण है कि पूर्व मंत्री दीपक जोशी खेलेंगे नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे, ऐलान करते दिखाई दे रहे हैं। बागली विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे को असहज करके दीपक जोशी ने खातेगांव कन्नौद विधायक आशीष शर्मा को असुरक्षा के भाव से ग्रसित कर रखा है। बागली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर दीपक जोशी खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हो गए। खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री दीपक जोशी छोटे से छोटे कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं,शुभ कामों में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, शोकाकुल परिवारों में पहुंचकर शोक-संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में क्षेत्र के लोगों की शिकायत एवं समस्याएं भी सुन रहे हैं। खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र का बूढ़े से लगाकर बच्चा तक समझ रहा है और जान रहा है कि दीपक जोशी चुनाव लड़ने के लालच में खातेगांव-कन्नौद क्षेत्र के शुभचिंतक बने हुए हैं, यदि ऐसा नहीं है तो चुनाव के समय ही दीपक जोशी की सक्रियता खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में क्यों बढ़ी? खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में दीपक जोशी की सक्रियता बढ़ी तो क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा और उनके भाई की मनमानियों से नाराज भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता दीपक जोशी के साथ खड़े होते चले गए। खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में जो भाजपा नेता कार्यकर्ता दीपक जोशी के पीछे खड़े नजर आ रहे हैं, वे चाटुकारों से घिरे विधायक आशीष शर्मा से नाराज हैं, दीपक जोशी के समर्थक नहीं, चूंकि दीपक जोशी प्रदेश स्तरीय पहचान रखते हैं, इसलिए विधायक से नाराज लोग दीपक जोशी के पीछे गोलबंद होकर भाजपा मठाधीशों को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि इस बार आशीष शर्मा को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उधर हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्र में विकास यात्रा में विधायक मनोज चौधरी को अच्छे-खासे विरोध का सामना करना पड़ा है, गांव-गांव होने वाले विरोध को मनोज चौधरी की राजनीति के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है। उल्लेखनीय है हाटपीपल्या पूर्व मंत्री दीपक जोशी का गृह नगर है और इसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहते हुए दीपक जोशी मंत्री बने तथा मंत्री रहते हुए इसी विधानसभा क्षेत्र से पराजित हुए थे। कांग्रेसी रहते हुए मनोज चौधरी ने हाटपीपल्या से दीपक जोशी को हराया था और ज्योतिरादित्य सिंधिया की राजनीतिक कूदा-फांदी के चलते आज वही कांग्रेसी मनोज चौधरी भाजपाई होकर हाटपीपल्या से विधायक हैं। कहा जा रहा है विधायक मनोज चौधरी के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बल दीपक जोशी ही प्रदान कर रहे हैं। दीपक जोशी खातेगांव कन्नौद एवं हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्र पर अपनी दृष्टि जमाए हुए हैं, बागली, सोनकच्छ आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है तथा देवास विधानसभा क्षेत्र में हस्तक्षेप करने की किसी भाजपा नेता की औकात नहीं, क्योंकि यहां पवार राजवंश का एकाधिकार है, इसलिए दीपक जोशी खातेगांव-कन्नौद एवं हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्र पर अपनी निगाह जमाकर बैठे हैं और इसमें से किसी एक पर चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्र और तीन विधायकों को प्रभावित कर रखा है।
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