पंडित प्रदीप मोदी _(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)_ 9009597101

विधानसभा सभा चुनाव सामने है, प्रत्येक नेता, प्रत्येक पार्टी चुनाव को ध्यान में रखकर जनता के बीच नाटक-नौटंकी कर रहे हैं और जनता को हमेशा की तरह सब समझ में आ रहा है, क्योंकि मां सरस्वती के बेटे कवि, कवि सम्मेलनों के मंच से एक से अधिक बार बता चुके हैं, सुना चुके हैं कि नेता, जूता और कुत्ता, ये पहले चरण चाटते हैं, उसके बाद काटते हैं तो इस समय नेताओं का चरण चाटने का दौर चल रहा है, जनता समझ रही हैं। पार्टी को ध्यान में रखकर वोट करने वाली जनता हमेशा से ठगी जाती रही हैं, क्योंकि पार्टियां बाहुबल और धनबल को ध्यान में रखकर टिकट देती हैं, इसलिए अच्छे उम्मीदवार जनता के सामने आ ही नहीं पाते, जनता को उन्हें ही चुनना पड़ता है, जिन्हें पार्टियों ने परोस दिया है तथा पार्टियां अधिकांशतः जगह उन्हें उम्मीदवार बना देती हैं, जो जनता की नजरों से उतर चुके हैं, अपनी छवि खराब करा चुके हैं। प्रसन्नता की बात है कि भारतीय जनता पार्टी ने जनता के इस उहापोह को समझा है, विवशता को समझा है, उम्मीदवारों को बदला जाना, निष्क्रिय,खराब छवि वाले नेताओं के टिकट काटना, उसी का परिणाम है, जनता के मन को भाने वाली बात है। भाजपा की उत्तरोत्तर उन्नति का कारण भी यही है कि उसने पार्टी की छवि और अनुशासन से उतना ही समझौता किया है, जितना आटे में नमक समाए। सत्ता की भूख में भाजपा बावली हो रही है तो सत्ता की भूख किसे नहीं होती, लेकिन कोई नेता सत्ता के मद में मदमस्त हो जाए, किसीको कुछ समझे ही नहीं, पार्टी की छवि के लिए सवाल बन जाए , यह तो गलत है। इस गलत को सुधारने के लिए यदि भाजपा ने मदमस्त नेताओं के टिकट काटने की परंपरा डाली है तो भाजपा की यह परंपरा जनता के लिए स्वागत योग्य परंपरा है, इस परंपरा का अनुसरण प्रत्येक राजनीतिक दल ने करना चाहिए। भाजपाई गलियारों से जब यह खबर निकली कि इस बार भाजपा चालीस-पैंतालीस विधायकों के टिकट काटेगी तो देवास जिले में बागली विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे और खातेगांव-कन्नौद विधायक आशीष शर्मा को राजनीतिक चौपालों पर संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा, क्योंकि दोनों को जनता ने सत्ता के मद में मदमस्त पाया है और मान लिया कि निश्चित रूप से इनका टिकट कटेगा? उस पर जो थोड़ी बहुत कसर थी,वह पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने पूरी कर दी। दीपक जोशी ने बागली में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले को लेकर चीख पुकार मचाई और खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में चहलकदमी प्रारंभ कर दी, विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेना प्रारंभ कर दिया, और तो और खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र की जनता की शिकायत सुनना भी प्रारंभ कर दिया तो सबने मान लिया कि आशीष शर्मा का टिकट कटने वाला है। और यह सही भी है विधायक आशीष शर्मा का दूसरा कार्यकाल विवादास्पद रहा है, सत्ता के मद में मदमस्त बने रहने वाला रहा है। विधायक रहते आशीष शर्मा ने अपनी छवि के साथ-साथ पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़े किए हैं। आदिवासी परिवार की निर्मम हत्या, आदिवासी नेता का जिलाबदर होना, निर्भीक पत्रकार चंचल भारतीय का जिलाबदर होना,विजवा का जहर से मरना और मरने से पहले विधायक के भाई पर आरोप लगाना, ये वे मामले हैं, जिन्होंने विधायक की छवि को धूल-धूसरित करके रख दिया, उस पर रेत खनन पर अंकुश ना लगने ने विधायक को माफियाओं का संरक्षक घोषित कर दिया। ऐसे हालातों में यदि भाजपा पुनः आशीष शर्मा पर ही विश्वास जताती है तो भाजपा खातेगांव कन्नौद सीट गंवा देगी। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र से आशीष शर्मा नहीं तो कौन? हालांकि पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने पिछले दो-चार महीने से क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा रखी है, लेकिन खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र की जनता समझ रही है कि दीपक जोशी क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसलिए क्षेत्र को समय दे रहे हैं, जोशी क्षेत्र से राजनीतिक रिश्ता रखना चाहते हैं, भावनात्मक नहीं। जनभावना का आदर करें तो जनता चाहती है कि इस बार भाजपा क्षेत्र के ही बेटे विनोद तापड़िया को उम्मीदवार बनाएं, जो एक डेढ़ दशक से राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। तापड़िया शिक्षित और सक्रिय हैं तथा क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है। धार्मिक प्रवृत्ति के विनोद तापड़िया हनुमानजी को अपना आराध्य मानते हैं और क्षेत्र में होने वाली ऐसी कोई धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधि नहीं है, जिसमें विनोद तापड़िया की उपस्थिति नहीं लगती हो। डोकाकुई ग्राम पंचायत के सरपंच रहते हुए विनोद तापड़िया ने खुलकर अपनी इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है, गांव को विकास के पथ पर अग्रसर किया है और अपने सेवा संस्कार का प्रदर्शन किया है। सेवाभावी होने के साथ-साथ ये युवा नेता हर एक के दुःख-दर्द में खड़ा होने वाला है। क्षेत्र की जनता का मानना है कि इस बार भाजपा ने क्षेत्र से विनोद तापड़िया को उम्मीदवार बनाना चाहिए, क्योंकि आज की तारीख में खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के लिए भाजपा के पास विनोद तापड़िया से श्रेष्ठ दूसरा कोई नेता नहीं, चेहरा नहीं। **************
