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Wednesday, April 15, 2026
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देवास पुलिस जांच के नाम पर आरोपियों को बचाने की मानसिकता से निजात पाए,हनीट्रेप मामले में आरोपित झोलाछाप डॉक्टर छह महीने बाद भी गिरफ्तार क्यों नहीं, उन्हें गिरफ्तार करके रिमांड पर पर क्यों नहीं ले पाई देवास पुलिस ?

पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) 9009597101

भीलवाड़ा की आपराधिक मानसिकता की हनीट्रेप हीरोइन जोया खान देवास के ही कुछ घटिया मानसिकता के लोगों का साधन बनी और देवास के बेटे प्रतिष्ठित डॉक्टर पवन चिल्लौरिया को ठग लिया, उनकी प्रतिष्ठा पर हमला कर दिया, उनके सम्मान को दागदार कर दिया, उनसे लाखों रुपए ऐंठ लिए। उल्लेखनीय है डाक्टर पवन चिल्लौरिया मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और एक श्रमिक के बेटे हैं तथा उनकी प्राथमिक शिक्षा बालगढ़ में, हाई स्कूल की शिक्षा देवास के नारायण विद्या मंदिर क्रमांक 02 से हुई है, अर्थात पवन चिल्लौरिया मां चामुण्डा नगरी देवास के बेटे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा एवं मेहनत से देवास के चिकित्सा जगत में अपना स्थान बनाया, प्राईम हास्पिटल जैसा चिकित्सा संस्थान स्थापित किया, शायद देवास चिकित्सा जगत के मठाधीशों को एक मजदूर के बेटे का तरक्की करना रास नहीं आया और उन्होंने झोलाछाप डॉक्टरों को मोहरा बनाकर हनीट्रेप करा दिया? बात गत वर्ष जून 2022 की है, भीलवाड़ा की जोया खान नामक महिला सोशल मीडिया के माध्यम से प्राईम हास्पिटल के युवा संस्थापक डाक्टर पवन चिल्लौरिया के संपर्क में आती है, तीन-चार दिन की वाट्सअप मुलाकात में वह इतनी निकट आ जाती है कि भीलवाड़ा से देवास चली आती हैं।

डाक्टर पवन चिल्लौरिया से मित्रवत मुलाकात करती हैं, अपनी विवशता बताकर बच्चे के स्कूल में फीस जमा करने के बहाने बीस हजार रुपए किसी खाते में जमा करवाती हैं और कुछ घंटे बाद ही कोतवाली थाने के सामने खड़ी होकर फोन करती हैं कि मैं तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट लिखा रही हूं। डाक्टर पवन चिल्लौरिया हतप्रभ, सोशल मीडिया पर बनी यह दोस्त कैसी, कुछ किया नहीं, बल्कि मित्रता का फर्ज निभाते हुए बच्चे के स्कूल में फीस जमा करने के लिए बीस हजार रूपए दिए और यह तो रिपोर्ट लिखाने की धमकी दे रही? सीधे-सादे डाक्टर पवन चिल्लौरिया सदमे में कि यह क्या हो गया? बाद में जोया ने कहा मेरे वकील अनुराग शर्मा से मिल लेना। डाक्टर चिल्लौरिया और आश्चर्यचकित कि वे तो समझ रहे थे कि भीलवाड़ा की जोया खान मेरे अलावा देवास में किसीको नहीं जानती, लेकिन यहां तो जोया खान का वकील भी तैयार बैठा है। चर्चा में वकील अनुराग शर्मा आया तो डाक्टर पवन चिल्लौरिया ने अनुराग शर्मा से संपर्क साधा, वकील साहब ने जोया से समझौता कराने के नाम पर डाक्टर पवन चिल्लौरिया को नौ लाख से हल्का कर दिया।

नौ लाख से हल्का होने के बाद डॉक्टर पवन चिल्लौरिया को समझ आई कि वे षड़यंत्र के शिकार हुए हैं तो फरियादी बनकर पुलिस के पास गए और बताया कि जोया खान, डाक्टर महेंद्र गलोदिया, झोलाछाप डॉक्टर संतोष दभाड़े, वकील अनुराग शर्मा ने उनके खिलाफ षड़यंत्र रचा, उनकी मान प्रतिष्ठा को धूलधूसरित किया और उनसे पैसे ऐंठ लिए। बाद में पता चला जोया खान आदतन अपराधी है और पवन चिल्लौरिया की तरक्की से जलने वाले लोगों ने उसे पवन चिल्लौरिया को टारगेट करने के लिए हायर किया। टारगेट का फोटो दिया, फोन नंबर दिए और डाक्टर पवन चिल्लौरिया से दोस्ती बढ़ाने के लिए जोया खान को प्रोत्साहित किया। जोया खान ने तीन चार दिन के अंदर दोस्ती को भीलवाड़ा से देवास तक नाप दिया, समेटकर रख दिया। हनीट्रेप मामलों में षड़यंत्रकारी तीन-चार-पांच दिनों में सारा खेल निबटा देते हैं, देवास में भी यही होने वाला था, लेकिन नौ लाख रुपए से लुटाने के बाद, हल्का होने के बाद डॉक्टर पवन चिल्लौरिया पुलिस की शरण में चले गए। षड़यंकारियों को पैसे के लेनदेन के लिए एक ऐसा वकील चाहिए था, जो वकालत की बनिस्बत दलाली को अधिक महत्व देता हो, तो सांचे में अनुराग शर्मा फीट बैठा। कहा जाता है, महेंद्र गलोदिया और संतोष दभाड़े, पवन चिल्लौरिया को लेकर देवास के चिकित्सा जगत में नकारात्मक प्रचार करते रहे हैं। महेंद्र गलोदिया और संतोष दभाड़े उथले नाले है, मोहरें है, जो पवन चिल्लौरिया के खिलाफ उपयोग हुए हैं, असली खिलाड़ी तो देवास का वह प्रतिष्ठित डॉक्टर है, जिसने हनीट्रेप हीरोइन जोया खान से एक होटल के कमरे में कहा था कि हमेशा महेंद्र गलोदिया से मिलकर रहना, बहुत तरक्की करोगी। यहां बताते चलें जोया खान से बातचीत की लगभग चार पांच घंटे की काल रिकार्डिंग है, जिसमें जोया खान ने बहुत कुछ स्वीकारा है और षड़यंत्रकारियों के मनसूबों का खुलासा किया है तथा यह काल रिकार्डिंग पवन चिल्लौरिया ने पुलिस को उपलब्ध कराई हैं। इस सारे खेल के पीछे कौन लोग हैं, यह तो तब पता चलेगा, जब पुलिस दोनों आरोपी महेंद्र गलोदिया और संतोष दभाड़े को गिरफ्तार करें, रिमांड पर ले। घटना को छह महीने से अधिक का समय हो गया है, लेकिन देवास पुलिस आरोपियों को ताबे में नहीं ले पाई है, सिर्फ जोया खान जेल दर जेल घूम रही है, ब्लेकमैलिंग का पैसा लेने वाला वकील अग्रिम जमानत पर हैं तथा अन्य दो आरोपी खुले घूम रहे हैं और देवास पुलिस की हंसी उड़ा रहे हैं।

देवास पुलिस अपनी चमड़ी बचाते हुए कह रही है कि जोया खान से इनके संपर्क की पुष्टि नहीं होती, जबकि काल डिटेल चुगली कर रही हैं कि घटना के एक दो दिन पहले से ही षड़यंत्रकारी संपर्क में थे। हनीट्रेप का शिकार डाक्टर देवास पुलिस की शरण में बड़े विश्वास के साथ पहुंचा था, लेकिन देवास पुलिस हनीट्रेप के शिकार डाक्टर के विश्वास को बरकरार नहीं रख पाई, वह इसलिए कि देवास पुलिस जांच के नाम पर आरोपियों को बचाने की मानसिकता से ग्रस्त हैं। देवास पुलिस ने अपनी इस मानसिकता से निजात पाना चाहिए, हनीट्रेप षड़यंत्र के शिकार हुए डाक्टर पवन चिल्लौरिया मां चामुण्डा नगरी देवास के होनहार बेटे हैं और पुलिस ने उनके साथ न्याय करना चाहिए। अच्छी पुलिस का यही तो कर्तव्य होता है कि जो फरियादी बनकर उसके पास आए, उसे न्याय दिलाए, क्या देवास पुलिस अच्छी पुलिस बनकर नहीं रहना चाहती और नहीं रहना चाहती तो क्यों नहीं रहना चाहती?

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