*पंडित प्रदीप मोदी* (साहित्यकार स्वतंत्र पत्रकार) *9009597101*

खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में विधायक आशीष शर्मा से ज्यादा मनमानी और दखलअंदाजी उनके भाई रूपेश शर्मा की देखी जा रही हैं एवं जनता के बीच सवाल किए जा रहे हैं कि विधायक आशीष शर्मा है या रूपेश शर्मा? ऐसा लगता है मानो विधायक ने अपने भाई से कह दिया हो कि जनता को बरगलाने के लिए मैं करूं नर्मदे हर और मेरे नर्मदे हर की आड़ में तू जीभर कर अपना घर भर ? देवास जिले के खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में आशीष शर्मा नाम के विधायक हैं और उनके भाई रूपेश शर्मा काम के विधायक माने जा रहे हैं, जैसे देवास में डाक्टर शिवदयाल सिंह नाम के एसपी है तथा नेताओं की चाटुकारिता के चलते डीएसपी किरण शर्मा काम के एसपी बने हुए हैं। देवास में विधायकों की मनमानी, हठधर्मिता और भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने की बदनीयती ने भाजपा की हालत पतली कर रखी है। विशेषकर खातेगांव-कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में हालात बेहद खराब है, क्योंकि यहां विधायक आशीष शर्मा ने अपने आपको जनता से काटकर चाटुकारों से जोड़ लिया है और शायद जनता से जुड़े रहने की जिम्मेदारी अपने भाई रूपेश शर्मा को सौंप दी है। विधायक के भाई रूपेश शर्मा ने अपने आपको पुर्ण रुप से विधायक मान लिया है, रूपेश की स्थिति जनता चाय से ज्यादा केतली गरम वाली महसूस कर रही हैं और रूपेश अपने आपको बादशाह सलामत फन्ने खां समझ रहे हैं। वैसे तो विधायक को हाशिए पर पटक कर उनके भाई रूपेश शर्मा, क्षेत्र में लम्बे समय से विधायक की तरह व्यवहार कर रहे हैं और ये बातें अभी तक क्षेत्र तक ही सीमित थी, लेकिन विजवा की मौत के बाद विधायक के भाई रूपेश शर्मा का नाम दूर-दूर तक गया है तथा भाजपा को गाना पड़ा है कि भाजपा बदनाम हुई रूपेश तेरे लिए। उल्लेखनीय है कुछ माह पूर्व एक युवक ने आरोप लगाया था कि विधायक आशीष शर्मा के भाई रूपेश शर्मा ने उसे कोल्डड्रिंक में जहर दिलवाया है,यह युवक कईं बार सोशल मीडिया पर भी रूपेश शर्मा को लेकर इस प्रकार का संदेह व्यक्त करते हुए पोस्ट डाल चुका था। सबकुछ क्षेत्र की जनता के सामने घटित हुआ है, इसमें भाजपा तथा भाजपा के विधायक आशीष शर्मा की काफी छिछालेदर हुई और जनता के बीच सवाल खड़े हुए कि भाजपा नेता जनता को जीवन देने के लिए राजनीति कर रहे हैं या मौत देने के लिए? रूपेश शर्मा अपने विधायक भाई और भाजपा के लिए घातक साबित हो रहे हैं, नुकसान दायक साबित हो रहे हैं। पिछले साल रूपेश शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रूपेश शर्मा जनता के बीच चबूतरा बनाने के लिए विधायक निधि से राशि देने की घोषणा कर रहे हैं, विधायक आशीष और रूपेश विधायक निधि से राशि देने की घोषणा कर रहे हैं, क्यों,किस अधिकार से रूपेश ने ऐसी घोषणा की? हाल ही में खातेगांव के एक ही परिवार के तीन लोग दुर्घटना में काल का ग्रास बन गए, आक्रोशित लोग सड़क पर आए तो विधायक सामने नहीं आए, उनके भाई रूपेश शर्मा आए, उन्होंने परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने की बात कही, परिवार को मुख्यमंत्री से मिलाने की बात कही, विधायक आशीष शर्मा ने तो मृतकों के लिए सांत्वना के दो शब्द नहीं कहे। विधायक की ओर से मृतकों को दी जाने वाली सहायता की घोषणा भी पुलिस अधिकारी कर रहे हैं, जनता के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं कि घोषणा करने वाले पुलिस अधिकारी क्या विधायक के प्रवक्ता हैं? ये वही अधिकारी हैं, जो नेताओं को खुश करने के लिए गाते हैं कि जान पे भी खेलेंगे, तेरे लिए ले लेंगे सबसे दुश्मनी। कुल मिलाकर कहा जाए तो खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र में विधायक आशीष शर्मा का राजनीति से मन भरा गया है, उन्होंने अपनी राजनीति अपने भाई रूपेश के चरणों में लाकर पटक दी है और रूपेश ने मनमानियों की पराकाष्ठा को स्पर्श कर लिया है। भाजपा मदमस्त शर्मा बंधुओं पर अवलंबित रही तो खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र की जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करने में कंजूसी बरतेगी।
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