✍️बेबाक आजाद 9993756976
एक समय था जब मध्यप्रदेश में किसी व्यक्ति के गुम हो जाने पर पुलिस प्रशासन गुम इंसान के रूप में मामला दर्ज कर पुट्टल में बांध दिया करता था। गुम इंसान की परिभाषा में चाहे बच्चा हो या बड़ा हो, सब एक ही धारा, गुम इंसान क्रमांक में दब के रह जाता था। गुम इंसान के खेल में अक्सर बच्चों को अधिक निशाना बनाया जाता था व जाता रहा है। अपराधी जानते थे इस अपराध पर कुछ होना जाना नहीं है लेकिन वक्त ने करवट बदली और गुम इंसान के मामले जिसमें बच्चों या नाबालिग के लिए सरकार गंभीर हुई है और अब नाबालिग बच्चों के गायब होने पर पुलिस को अज्ञात के विरुद्ध अपहरण में मामला दर्ज करने हेतु निर्देशित किया जा कर आज भी जारी है। ये सब हुआ मध्यप्रदेश के धार जिले में थाना राजोद से गुम हुए दो नाबालिग आदिवासी बच्चों के बाद। एक दशक पूर्व सन 2011 में थाना राजोद के रानीखेड़ी कस्बे से एक आदिवासी बच्चा राहुल गायब हुआ। जिसे स्वयं ये कलमकार परिचित रहा है। बहुत ही चंचल व होनहार था राहुल। मां बाप का इकलौता बेटा, बहनों का एक मात्र भाई राहुल जब गुमसुदा हुआ तब वह 6टी-7वी का छात्र था। राहुल घर से गोबर बिनने का कह कर निकला था जो आज तक घर नहीं आया है। राहुल गायब हुआ तब उसके पास एक किपैड वाला मोबाइल भी था। उस दरमिया यह देखने में आया था की उस बच्चे की गुमशुदगी भी बमुस्किल दर्ज हो पाई थी। राहुल की गुमसीदगी पर इंदौर से प्रकाशित सांध्य दैनिक संझा लोकस्वामी में मेरे द्वारा खूब कलम चलाई गई थी लेकिन शायद उसकी खोजबीन के लिए पर्याप्त नहीं रही। पश्चात सन 2013 में राजोद थाना अंतर्गत ही निपावली की आदिवासी बच्ची सपना पिता आनंदीलाल खराड़ी जो की 10 वर्षीय कक्षा 5वी की छात्रा थी, अपने घर के लिए थोड़ी दूर पर समान लेने गई थी जो आज तक घर नहीं आ पाई है। क्षेत्र से राहुल के बाद सपना के गुम हो जाने के बाद इस कलम की धार मुझे और तेज करना पड़ी थी। बात ऊपर तक गई तब जा कर सरकार ने गुम बच्चों के मामले में अज्ञात के विरुद्ध अपहरण की धारा में मामला पंजीबद्ध करवाने का निर्णय लिया और बाद में पुलिस ने नाबालिक बच्चों की खोजबीन के लिए अपरेशन मुस्कान चलाया गया। पहले तो दोनो आदिवासी बच्चों की गुमशुदगी मात्र गुम इंसान में दर्ज थी लेकिन बाद में दोनों बच्चो की गुमसुदगी में अज्ञात के विरुद्ध अपहरण का मामला दर्ज हुआ है। आज भले ही पुलिस विभाग ने सैकड़ों बच्चे इस ऑपरेशन मुस्कान के तहत खोज लिए हों लेकिन ऑपरेशन मुस्कान की अपार सफलता तभी सार्थक होगी जब धार जिले के राजोद थाने से गुम हुए दो आदिवासी बच्चे, राहुल और सपना खोज लिए जायेंगे। सही मायने में आज भी आपरेशन मुस्कान की अपार सफलता की बाट जोह रहे हैं थाना राजोद से गुम हुए राहुल और सपना।
